
देहरादून: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने संपत्तियों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज न करने वाले लापरवाह मुतवल्लियों के खिलाफ सख्ती अख्तियार की है। बोर्ड के सीईओ गिरधारी सिंह रावत की ओर से नोटिस जारी कर एक माह के भीतर उम्मीद पोर्टल पर डाटा फीड करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जानकारी साझा न करने पर संबंधित मुतवल्लियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, बल्कि एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्रदेश में कुल 2149 औकाफ पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से लगभग 40 फीसदी का ब्योरा अब तक पोर्टल पर नहीं चढ़ाया गया है। गढ़वाल मंडल की 1368 संपत्तियों में से 552 और कुमाऊं की 781 संपत्तियों में से 324 का डाटा अभी भी बाकी है। बोर्ड ने वक्फ ट्रिब्यूनल से समय सीमा बढ़वाई थी, लेकिन इसके बावजूद मुतवल्लियों की सुस्ती बरकरार है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स के निर्देश पर अब प्रदेशभर में दोबारा जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर विशेष रूप से हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल और देहरादून जिलों में आयोजित होंगे। शम्स ने दो टूक कहा कि कुछ लोग जानबूझकर वक्फ संपत्तियों की जानकारी पोर्टल पर साझा नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ बोर्ड अब धारा 54 के तहत बेदखली और कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
चूना भट्टा में वक्फ जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माणराजधानी के अधोईवाला (चूना भट्टा) स्थित कब्रिस्तान वक्फ नंबर-8 की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण का मामला गरमा गया है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के सीईओ गिरधारी सिंह रावत ने डीएम और को तत्काल अवैध निर्माण रुकवाने और कब्जा हटाने के पत्र लिखा है। स्थानीय निवासी इस्लामुद्दीन अंसारी ने शिकायत दर्ज कराई कि हाईकोर्ट द्वारा सितंबर 2023 में इस भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाने के आदेश के बाद भी अवैध निर्माण जारी है। रायपुर पुलिस ने सूचना मिलने पर एक बार कार्य रुकवाया, आरोप है कि पुलिस के जाते ही वक्फ संपत्ति पर निर्माण फिर शुरू कर दिया गया। सीईओ गिरधारी सिंह रावत ने इसे कोर्ट के आदेश की अवहेलना का गंभीर विषय बताकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को कहा है। बता दें कि वक्फ बोर्ड ने अध्यक्ष शादाब शम्स के निर्देश पर पूर्व में चूना भट्टा क्षेत्र में लगभग 250 अवैध कब्जों को चिन्हित एवं पैमाईश के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है।
