Chief Minister Pushkar Singh Dhami News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून जू में वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वन्य जीवों के हमले को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमलों में जनहानि होने पर दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया जाएगा। उन्होंने वन्यजीवों को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए इको-टूरिज्म मॉडल पर काम चल रहा है ताकि लोग जंगलों से जुड़ सकें और साथ ही प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।
खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून जू में वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वन्य जीवों के हमले को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमलों में जनहानि होने पर दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया जाएगा।
उन्होंने वन्यजीवों को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए इको-टूरिज्म मॉडल पर काम चल रहा है ताकि लोग जंगलों से जुड़ सकें और साथ ही प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।राज्य सरकार के प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी, हिम तेंदुए जैसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की संख्या में वृद्धि हुई है। राज्य की हरियाली और वन्यजीव देश-विदेश के लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के संतुलन के साथ विकास व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की हरियाली और इसमें स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीव वर्षभर देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान रखने के साथ-साथ राज्य सरकार वनों के प्राकृतिक स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने और वन्य जीवों को सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी, हिम तेंदुवे जैसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की संख्या में उत्साहजनक वृद्धि हुई है, परंतु इनके साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। इस संघर्ष को कम करने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक उपायों का उपयोग कर रही है।
धामी ने कहा कि वन विभाग को ड्रोन और जीपीएस की तकनीकी सुविधा दी जा रही है, ताकि वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा और बेहतर ढंग से हो सके। स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे वे वन्यजीव संरक्षण में भागीदार बन सकें।
By Arun Pratap Singh my uttarakhand news Bureau DEHRADUN, 16 May: Serious questions are once…
my uttarakhand news Bureau DEHRADUN, 16 May: Chief Minister Pushkar…
By Arun Pratap Singh my uttarakhand news Bureau DEHRADUN, 16 May: A workers’ protest in the Selaqui industrial area today…
Satpal Maharaj hands over cheques of insurance to CM my uttarakhand news Bureau DEHRADUN, 16…
my uttarakhand news Bureau DEHRADUN, 16 May: St Thomas’ College, proudly celebrated its 110th Annual Speech and Prize Day on Saturday, marking one of the…
my uttarakhand news Bureau CHAMPAWAT, 16 May: Chief Minister Pushkar Singh Dhami has expressed deep sorrow over…