एमडीडीए की 113वीं बोर्ड बैठक में जनहित, हरियाली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस
देहरादून। देहरादून शहर के सुनियोजित विकास, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक सुविधाओं को नई रफ्तार देने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 113वीं बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 968 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही आम जनता से जुड़े आवासीय, व्यावसायिक और पर्यटन संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बैठक की शुरुआत उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी द्वारा अध्यक्ष और सदस्यों के स्वागत से हुई। इसके बाद पिछली 112वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, जिसे बोर्ड ने अवलोकन के बाद पुष्टि करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए अनुमति प्रदान की। इस दौरान कुल 48 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद नियमानुसार स्वीकृति दी गई।
विकास को मिलेगी रफ्तारबैठक में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 968 करोड़ रुपये का बजट शहर के व्यापक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट के माध्यम से न केवल शहरी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, बल्कि देहरादून को एक स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम होगा।
जनहित के प्रस्तावों को हरी झंडीबोर्ड बैठक में आम जनमानस से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें ईको-रिजॉर्ट, होटल, व्यावसायिक निर्माण और आवासीय मानचित्र से जुड़े मामलों को स्वीकृति दी गई है। इन फैसलों से पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने के साथ-साथ शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। इसके अलावा, भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2011 (संशोधित) को राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप अंगीकृत किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और सुव्यवस्था सुनिश्चित होगी।
हरित देहरादून की दिशा और बढ़ते तापमान के न्यूनीकरण के लिए बड़ा कदमशहर में लगातार बढ़ते तापमान के न्यूनीकरण और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना अब प्राथमिकता बन गया है। इसी दिशा में प्राधिकरण ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नए पार्कों के निर्माण जैसे कार्यों को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने, जल स्रोतों को संरक्षित करने और सार्वजनिक स्थलों को विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा। इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल तापमान में कमी लाना है, बल्कि शहर की प्राकृतिक सुंदरता को सहेजते हुए आम जनमानस को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
हरियाली और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोरशहर को सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डिवाइडरों पर पौधारोपण, गमलों की व्यवस्था, खाद-मिट्टी और पानी की आपूर्ति के लिए विशेष उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके तहत एक ट्रैक्टर, EICHER 333 (प्रेशर पंप सहित) और हाइड्रोलिक ट्रॉली खरीदने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पार्कों के निर्माण जैसे कार्यों को युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए गए। यह पहल शहर की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के साथ ही नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मददगार होगी।
शहर के भविष्य की मजबूत नींव113वीं बोर्ड बैठक के फैसले देहरादून के भविष्य की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर बजट और विकास योजनाएं शहर को आधुनिक बनाएंगी, वहीं हरियाली और पर्यावरण संरक्षण पर जोर इसे रहने योग्य और संतुलित शहर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने शहर के समग्र विकास के लिए अपने सुझाव भी दिए। अंत में अध्यक्ष द्वारा सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की गई। स्पष्ट है कि एमडीडीए की यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि देहरादून के विकास की नई पटकथा लिखने की दिशा में एक ठोस कदम है।
आयुक्त विनय शंकर पांडेय का बयानआयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून को एक संतुलित, हरित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बजट और स्वीकृत योजनाओं के माध्यम से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयानउपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए लगातार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों से न केवल शहर का भौतिक विकास होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का फोकस संतुलित विकास पर है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का समावेश हो। तिवारी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में देहरादून एक आदर्श शहर के रूप में स्थापित होगा।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयानप्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि बैठक में कुल 48 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें अधिकांश जनहित और विकास से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृति दी गई है और अब इनके क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता आएगी और अवैध निर्माण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
वर्ष 2026-27 हेतु 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार की वार्षिक जिला योजना अनुमोदित चमोली।…
हल्द्वानी। केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित सभी योजनाओं की जानकारी अब महिलाओं को…
Rudranath Temple Opening: आज खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, जानें क्यों खास है…
शादी का झांसा, धोखा और मौत… 20 दिन जिंदगी से लड़ती रही किशोरी ने तोड़ा…
नैनीताल में बिना अनुमति चल रहे होमस्टों पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा | Administration tightens…
PIONEER EDGE NEWS SERVICE /Dehradun The Dehradun district administration imposed Section 163 of the Bharatiya…