आउटडेटेड बसों में रेट्रोफिट टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर, प्रदेश में चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का प्रस्ताव
देहरादून: उत्तराखंड में परिवहन निगम की पुरानी और आउटडेटेड बसों को दोबारा उपयोग में लाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों और विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में परिवहन निगम की पुरानी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित करने और रेट्रोफिट टेक्नोलॉजी के माध्यम से दोबारा उपयोग में लाने पर विस्तार से चर्चा हुई। परिवहन मंत्री ने कहा कि इस पहल से पुरानी बसों का उपयोग किया जा सकेगा और प्रदेश में इलेक्ट्रिक परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में सन मोबिलिटी कंपनी की ओर से पुरानी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित करने संबंधी प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री ने कहा कि इस तरह की तकनीक इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
वहीं मेगा निर्माणन इंडस्ट्रीज की ओर से प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। परिवहन मंत्री ने कंपनी को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में इलेक्ट्रिक बसों में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। इनमें बसों की लाइव लोकेशन, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और अन्य डिजिटल सुविधाओं को शामिल कर यात्रियों को बेहतर एवं सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और तकनीक आधारित बनाना है। पुरानी बसों को नई तकनीक के साथ उपयोग में लाने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
बैठक में राज्य स्तरीय परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय अरोड़ा, एमडी परिवहन रीना जोशी, अपर आयुक्त एस.के. सिंह सहित विभागीय अधिकारी और विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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