देहरादून। फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए एक महिला को चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाकर अपने रिश्तेदार को निदेशक बनाए जाने के मामले में दून पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू और उसके भतीजे सतेन्द्र राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के झांसी और उसके भतीजे को बरेली स्थित जोगी नवादा से दबोचा।पुलिस के मुताबिक, यमुना कॉलोनी, चकराता रोड निवासी रेखा आर्य ने कोतवाली कैंट में शिकायत दर्ज कराई थी कि गिरधारी लाल साहू ने पूर्व में विवाहित होने के बावजूद उनसे विवाह किया। आरोप है कि इसके बाद वह उनके साथ गाली-गलौच और मारपीट करता था तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित करता था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उनके आधार पर उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटा दिया।मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली कैंट में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया।जांच में खुली फर्जीवाड़े की परतेंएसआईटी ने विवेचना के दौरान ऑडियो क्लिप कब्जे में लेने के साथ ही कई गवाहों के बयान दर्ज किए और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में सामने आया कि गिरधारी लाल साहू ने कथित तौर पर अपने भतीजे सतेन्द्र राठौर के साथ मिलकर महिला के फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इनके आधार पर पीड़िता को चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाकर सतेन्द्र राठौर को निदेशक बनाए जाने के तथ्य सामने आए।ये चार कंपनियां देवों के देव महादेव, बनखंडी रुद्राक्ष धाम, श्री अम्बे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड हैं। जांच में सतेन्द्र राठौर की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे भी मुकदमे में आरोपी बनाया।44 आपराधिक मुकदमों का भी रिकॉर्ड आया सामनेपुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न अपराधों के कुल 44 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू को झांसी तथा उसके भतीजे सतेन्द्र राठौर को बरेली से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से एसआईटी गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।एसआईटी टीम में ये रहे शामिलकार्रवाई में एसआईटी प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी, विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी सहसपुर अनुज कुमार सहित निरीक्षक संतोष कुंवर, उपनिरीक्षक संदीप लोहान, एसओजी प्रभारी संदीप कुमार, महिला उपनिरीक्षक विनयता चौहान, उपनिरीक्षक दीपक गैरोला, धनीराम पुरोहित, प्रवीण पुंडीर, कमलेश गौर, रफत अली, रविशंकर झा, प्रेमनगर पुलिस के सौरभ रावत, देवेंद्र सिंह, नरेंद्र, मनोज सुन्द्रियाल, ललित, नवनीत, हेड कांस्टेबल राजकुमार तथा कांस्टेबल आशीष राठी शामिल रहे।
