केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड के लिए कीं महत्वपूर्ण घोषणाएं, मुक्तेश्वर में बनेगा क्लीन प्लांट सेंटर

Uttarakhand News : गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रूपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण के लिए रू. 1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद कर मेले में विभिन्न विभागों एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित करने के साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधां के कारण किसानों की मेहनत बेकार  न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखंड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों पर अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, उत्तराखंड में कीवी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाएगी।
कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं, जिनकी समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। राज्य के लगभग 9 लाख किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना में कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त, एक हजार करोड़ रुपये की “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना” को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फसलों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिन पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित है। बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि प्राप्त की है।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी और सचिव कृषि डॉ. एस.एन.पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।

Sapna Rani

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