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उत्तराखंड: यमुना नदी में बनी झील से पैदा हुई दहशत, लोगों के घर और मोटर पुल हुआ जलमग्न – Uttarakhand

Uttarakhand: Panic created by the lake formed in the Yamuna river, people’s houses and motor bridge submergedइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)उत्तरकाशी: यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्यानाचट्टी में यमुना नदी पर बनी झील से उत्पन्न समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है. चटख धूप खिलने के साथ पानी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. जिससे पूरी स्यानाचट्टी जलमग्न हो गई. गुरुवार देर शाम से यमुना नदी पर बनी झील के मुहाने को खोलने के कोई प्रयास अभी तक शुरू नहीं हो पाए. प्रशासन की टीम बीती सायं मौके पर पहुंची, लेकिन अभी तक कार्य नहीं हो पाया है.स्यानाचट्टी में यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ने के बाद वहां पर मौजूद करीब 60 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. दूसरी ओर उसके नीचे कुथनौर सहित खरादी में मौजूद लोग भी अपने गांवों की ओर चले गए हैं. वहीं यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी पर बना मोटर पुल भी झील के जलस्तर में डूबने के कारण प्रशासन और राहत बचाव के लिए पहुंची एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें खरादी में फंसी हुई हैं.यमुना नदी में झील बनने स दहशतस्यानाचट्टी के समीप कुपड़ा खड्ड में मलबा और बोल्डर आने के कारण यमुना नदी का जल प्रवाह रुकने से बनी झील का एक बार फिर जलस्तर बढ़ गया है. बृहस्पतिवार को दोबारा कुपड़ा खड्ड में साफ मौसम में बोल्डर और मलबा आने से जल प्रवाह को रोक दिया. करीब 400 मीटर लंबी और 300 मीटर चौड़ी झील का जलस्तर बढ़ने के कारण स्यानाचट्टी कस्बे में पानी भर गया. स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने वहां पर होटल और आवासीय भवन खाली करवाए.इसके बाद कुथनौर और खरादी में यमुना नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बने भवनों को खाली करवाया गया. हालांकि वहां पर मौजूद लोग खतरे को भांपते हुए अपने मूल गांव स्यालना, पुजारगांव, पाली गांव भंसाड़ी और खनेड़ा आदि गांव में शिफ्ट हो गए हैं. साथ ही क्षेत्र में बारिश होने के कारण जिला प्रशासन समेत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम खरादी में मौजूद हैं. लेकिन यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी में मौजूद पुल डूबने की कगार पर आने के कारण राहत बचाव की टीम आगे नहीं बढ़ पा रही हैं.यमुना नदी में बनी झील बनने से लोगों में खौफबताया जा रहा है कि बारिश और धूप के बीच स्यानाचट्टी के दाईं ओर से बहने वाले कुपडा खड्ड में मलबा पत्थर ने यमुना नदी के बहाव को प्रभावित कर झील बना दी. वहीं सिंचाई विभाग द्वारा पोकलैंड मशीनों से नदी के जल प्रवाह को चैनेलाइजेशन किए जाने का कार्य किया जा रहा था. लेकिन कुपडा खड्ड के रौद्र रूप ने यमुना नदी के चैनेलाइजेशन कार्य को प्रभावित कर दिया. जिस कारण झील बन गई और लोगों के घर जलमग्न हो गए.

Nandni sharma

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