उत्तराखंड बस हादसा: तनाव में था बस ड्राइवर! बार-बार आ रहा था फोन, घायलों ने बताई हादसे को लेकर ये बातें – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

Latest posts by Sapna Rani (see all)अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद में सोमवार सुबह हुए दर्दनाक बस हादसे ने उत्तराखंड समेत पूरे देश को झकझोर दिया। बता दें कि अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड के मरचूला में सोमवार सुबह करीब 7:45 बजे यात्रियों से खचाखच भरी एक बस अनियंत्रित होकर करीब 150 फुट गहरी खाई में गिर गई। नैनीडांडा ब्लॉक के किनाथ से रामनगर जा रही GMOU की इस 42 सीटर बस में 63 यात्री ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे। इस हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई। जबकि 27 लोग घायल हैं। जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे का शिकार हुई बस में जान गंवाने वाले अधिकतर वे लोग थे जो दिवाली का त्योहार मनाने अपने गांव आए थे। छुट्टी खत्म होने पर जल्दी घर पहुंचने की जल्दबाजी में पहले से भरी बस में लोग सवार हो गए। किसी को भी आभास नहीं था कि मंजिल पर पहुंचने से पहले ही एक हादसा इस सबकी जान ले लेगा।मरचूला के समीप हुए इस दर्दनाक हादसे की जांच के आदेश पहले ही सरकार की ओर से दिए जा चुके हैं। हादसे की असली वजह तो जांच के बाद ही सामने आएगी, परन्तु हादसे को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। जिसमें बस की कमानी टूटना, 42 सीटर बस में 63 यात्रियों की ओवरलोडिंग होना और बस चालक का तनाव में होने की बात शामिल है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रामनगर अस्पताल में भर्ती एक घायल यात्री ने बताया कि बस चालक दिनेश सिंह निवासी भैरंगखाल, सल्ट मानसिक रूप से परेशान था। उसे बार-बार रुपयों के लिए फोन आ रहा था। चालक को मानसिक तनाव में देख यात्रियों ने पूछा तो उसने बताया कि ढाई लाख रुपये किसी को देने हैं। यात्रियों ने उसे हिम्मत दी। तनाव के बीच एक मोड़ पर उसने वाहन से नियंत्रण खोया और बस खाई में गिर गई।वहीं बताया जा रहा है कि बस की क्षमता सिर्फ 42 यात्रियों के लिए ही थी। ये बस नैनीडांडा ब्लॉक के किनाथ से रामनगर जा रही थी। बस में एक ही कंपनी के कई कर्मचारी थे, जो त्योहार की छुट्टियों के बाद वापस काम पर लौट रहे थे। हादसे में 28 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। आठ लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। साथ ही इस हादसे में 27 लोग घायल भी हुए हैं। पांच घायलों को सल्ट के देवायल अस्पताल, 15 को रामनगर और चार लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतकों में अधिकांश लोग पौड़ी जिले के शामिल हैं।वहीँ घटना में बचे कई यात्री घटनास्थल पर पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों को यह बताते भी नजर आए कि जिस स्थान पर हादसा हुआ है उससे करीब आधा किलोमीटर पहले सड़क में फंसकर बस डोलने लगी थीं तो चालक ने बस रोककर कहा था कि किसी को उतरना है तो वह उतर सकता है, लेकिन कोई सवारी नहीं उतरी। इसके बाद चालक बस लेकर चल दिया और यह हादसा हो गया। यात्रियों का कहना है कि यदि उन्होंने चालक की बात को गंभीरता से लिया होता और उतर जाते तो कई लोगों की जान बच सकती थीं।मृतकों के परिजनों को 6 लाख की आर्थिक मददसीएम पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा बस हादसे के बाद अपना दिल्ली दौरा रद कर दिया था। वह फौरन उत्तराखंड लौट आए। वहीं सीएम धामी ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये और घायलों के लिए 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का एलान किया। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही गई।

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