देहरादून/हल्द्वानी: 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी जिले में कथित तौर पर अपनी अस्मिता की रक्षा करते हुए मारी गई अंकिता भंडारी केस चर्चाओं में बना हुआ है। अंकिता को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड में सभी राजनीतिक संगठन एक मंच के नीचे हैं और सत्तारूढ़ दल भाजपा के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने आज 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद रखने का ऐलान किया गया है। हालांकि राज्य बंदी को लेकर व्यापारी संगठन और दलों में मतभेद हो गया है। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडलप्रदेश के अध्यक्ष नवीन चन्द्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद अब बंद का कोई औचित्य नहीं रह गया है।
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में रविवार को उत्तराखंड बंद रखने का ऐलान किया है। उन्होंने अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में करने की मांग उठाई है। शनिवार को कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक स्थल पर राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों की बैठक आहूत की गई। संयुक्त बैठक के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि कल 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद यथावत रहेगा। सभी संगठनों ने एक स्वर में स्पष्ट किया है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही व्यापारी संगठनों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है।
मशाल जुलूस निकालाअंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले सामाजिक संगठन और शहरवासी शाम को गांधी पार्क के बाहर एकत्र हुए। यहां से शहीद स्मारक कचहरी तक मशाल जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने वीआईपी का पता नहीं लगने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कमला पंत, गरिमा दसौनी मौजूद थे।
प्रवासियों की मांग-SC के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांचउधर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रवासी उत्तराखंडी संगठनों ने सीबीआई जांच की संस्तुति को सकारात्मक कदम बताया है। साथ ही इस जांच को सुप्रीम कोर्ट के किसी सिटिंग जज की देखरेख में कराए जाने की मांग की है। वरिष्ठ प्रवासी नेता हरिपाल रावत और धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, सांसद अनिल बलूनी को ज्ञापन सौंपे गए।
अंकिता को न्याय के लिए लड़ाई लड़ेगी माकपादेहरादून। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से शनिवार को कार्यालय में राज्य सचिव मंडल की बैठक आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि जनता के दबाव में सरकार ने अंकिता हत्याकांड के मामले की सीबीआई जांच का निर्णय लिया है। सचिव अनंत आकाश ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर संभव लड़ाई लड़ेगी। बैठक में मनरेगा का नाम बदलने का विरोध किया गया।
व्यापारी बंद के समर्थन में नहीं , आज खुलेंगी दुकानेंअंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री की ओर से सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद व्यापार संगठनों ने 11 जनवरी को प्रस्तावित प्रदेश बंद को समर्थन नहीं दिया है। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडलप्रदेश के अध्यक्ष नवीन चन्द्र वर्मा ने शनिवार को रामपुर रोड स्थित रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेशभर में सक्रिय हमारी 383 नगर इकाइयां को बंद में सहयोग के लिए लगातार अपीलें मिल रही थीं। हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद अब बंद का कोई औचित्य नहीं रह गया है।
आईजी बोले, जबरन बंद कराया तो सख्ती से निपटेंगेआईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि पुलिस-प्रशासन और शासन इस प्रक्रिया को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न दें। बंद को लेकर उन्होंने कहा कि यदि जबरन बाजार बंद कराने या चक्काजाम की कोशिश की गई तो पुलिस ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटेटी।
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