

देहरादून : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले क्या राज्य में कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है? यह सवाल हालिया 2 घटनाक्रमों के बाद उठने लगा है. पहला तो कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक समन्वय को लेकर एक विवाद है. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की ओर से निकाली जा रही धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा पर पार्टी नेतृत्व ने आपत्ति जताई है. उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी महासचिव कुमारी शैलजा ने हरीश रावत को बाकायदा पत्र लिखकर यात्रा और उनके अन्य कार्यक्रमों को आगे नहीं बढ़ाने के लिए साफ कहा है. शैलजा ने पत्र में कहा है कि हरीश रावत की ओर से निकाली जा रही यात्रा को लेकर न तो उनसे और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से चर्चा की गई. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे समय में कांग्रेस को एकजुट होकर जनता के सामने जाना जरूरी है. उधर, दूसरा मामला चमोली से है जहां NSUI ने छात्रसंघ चुनाव में बगावत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने 5 पदाधिकारी संगठन से निष्कासित कर दिए हैं. आइये जानते हैं मामला डिटेल में…
शैलजा ने पत्र में क्या कहा?कुमारी शैलजा ने हरीश रावत को लिखे पत्र में कहा कि पार्टी के संज्ञान में आया है कि वह राज्य में एक यात्रा निकाल रहे हैं. इस संबंध में न तो उनकी और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से चर्चा की गई. पत्र में हरीश रावत के हालिया कुछ बयानों का भी उल्लेख किया गया है, जिन्हें पार्टी नेतृत्व ने विवादास्पद बताया है. शैलजा ने कहा कि राज्य में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और पार्टी को इस समय एकजुट होकर सामने आना होगा. शैलजा ने यह भी कहा कि इस समय प्रदेश कांग्रेस के समानांतर कोई कार्यक्रम पार्टी के हित में नहीं होगा. इसी आधार पर उन्होंने रावत से अपने कार्यक्रमों को आगे नहीं बढ़ाएं.
पहले से चल रही थी हरीश रावत की यात्राहरीश रावत अक्टूबर से उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा कर रहे हैं. इस यात्रा की शुरुआत हरिद्वार से हुई और इसका मकसद जनता के बीच जाकर संवाद करना बताया गया. रावत की इस सक्रियता के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन प्रदेश संगठन के साथ यात्रा के समन्वय को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठे हैं.



