हरिद्वार-उत्तरकाशी समेत 6 जिले सिविल डिफेंस से जुड़ेंगे, उत्तराखंड सरकार केंद्र को भेजेगी प्रस्ताव – Uttarakhand

6 districts including Haridwar-Uttarkashi will be connected with civil defence, Uttarakhand government will send proposal to the centre6 districts including Haridwar-Uttarkashi will be connected with civil defence, Uttarakhand government will send proposal to the centre6 districts including Haridwar-Uttarkashi will be connected with civil defence, Uttarakhand government will send proposal to the centreइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून। उत्तराखंड के छह जिलों में सिविल डिफेंस स्थापित करने की योजना है। अभी पूरे राज्य में सिर्फ देहरादून में ही सिविल डिफेंस है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है। हरिद्वार के साथ चीन-तिब्बत और नेपाल सीमा से लगे जिलों को सिविल डिफेंस में शामिल किया जाएगा।भारत-पाक में तनाव के बीच बुधवार को देहरादून में हुई मॉक ड्रिल के साथ ही यह बात भी उठने लगी थी कि उत्तराखंड के कई और जिले भी संवेदनशील हैं। ऐसे में वहां भी सिविल डिफेंस होनी चाहिए। बुधवार शाम के बाद गुरुवार को मुख्य सचिव के साथ अफसरों की बैठक में यह बात रखी गई। इस दौरान दून के अलावा दूसरे और जिलों में सिविल डिफेंस का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। खासतौर पर हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, चंपावत, पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी को शामिल किया जा सकता है।हालांकि, आबादी के लिहाज से हल्द्वानी, कोटद्वार और रुड़की शहर को भी इस दायरे में लाने की बात रखी गई। सिविल डिफेंस स्थापित करने की अंतिम मंजूरी केंद्र से ही दी जानी है। ऐसे में अफसरों को अपने स्तर पर प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। पाकिस्तान के साथ भारत तनाव के बाद मॉक ड्रिल में इस बात को उठने के बाद अफसरों ने इसको लेकर तैयारी शुरू की है।दून में सिविल डिफेंस के विस्तार की जरूरतदून में 1970 में सिविल डिफेंस की स्थापना हुई थी। तब यहां चार लाख की आबादी को मानक बनाकर कुल 22 पोस्ट बनाई गई। लेकिन, अब इस शहर की आबादी पांच गुना तक हो गई है और इसका दायरा भी तब के दून से काफी बड़ा हो चुका है। ऐसे में दून में भी सिविल डिफेंस के विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए देहरादून से भी प्रस्ताव मांगा गया है।

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