स्टोरी (कमल जगाती)नैनीताल/हल्द्वानी: हल्द्वानी बनभूलपुरा दंगा मामले में बड़ी खबर सामने आई है। Uttarakhand High Court ने मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अबु तस्लीम और वसीम को जमानत दे दी है।
कोर्ट में क्या हुई सुनवाई?
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता विकास गुगलानी ने कोर्ट को बताया कि अबु तस्लीम और वसीम का नाम न तो प्राथमिकी (FIR) में है और न ही वे घटना में शामिल थे।
उन्होंने दलील दी कि दोनों को केवल संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया और घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे। इसलिए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राहत दी जानी चाहिए।
क्या है बनभूलपुरा दंगा मामला?
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुए इस दंगे के दौरान मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक सहित अन्य लोगों के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए गए थे।
आरोप है कि:
कूटरचित और झूठे शपथपत्र के जरिए सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया
नजूल भूमि पर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण किया गया
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पथराव किया गया,जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई और मामला दंगे में बदल गया।
दंगे में क्या हुआ था?
इस घटना में:
कई पुलिसकर्मी और आम लोग घायल हुए
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा
कुछ लोगों की मौत भी हुई
आरोपियों का पक्ष
आरोपियों का कहना है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
बताया जा रहा है कि इस दंगे में शामिल कई अन्य आरोपियों को पहले ही अदालत से जमानत मिल चुकी है।
बनभूलपुरा दंगा केस में हाईकोर्ट का यह फैसला अहम माना जा रहा है। अब मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे की सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
