उत्तराखंड में कई दृष्टि से ऐतिहासिक व विशेष है इस बार की जनगणना, पहली बार होंगे जातिगत आंकड़े भी

प्रदेश में जनगणना का पहला चरण गुरुवार से शुरू हो रहा है। यह भारत की 16वीं व आजाद भारत की आठवीं जनगणना है। इस जनगणना में कई बातें विशेष हैं। पहली यह कि इस बार इसमें जातिगत जनगणना भी की जाएगी।

यह प्रथम अवसर होगा जब जनगणना का शत-प्रतिशत कार्य डिजिटल माध्यम से संपादित किया जाएगा। यह पूरी तरह मोबाइल एप्लीकेशन पर आधारित होगी। साथ ही प्रगणक व पर्यवेक्षक अपने स्वयं के मोबाइल फोन के माध्यम से समस्त आंकड़ों का संकलन करेंगे।

भारत में सर्वप्रथम जनगणना वर्ष 1872 में हुई थी। आजाद भारत में पहली जनगणना वर्ष 1951 में हुई थी। इसके बाद हर दस साल में जनगणना करने का प्रविधान किया गया। इससे पहले जनगणना वर्ष 2011 में हुई।
इसके बाद कोरोना के कारण वर्ष 2021 में जनगणना नहीं हो पाई। अब यह जनगणना हो रही है। देश के विभिन्न राज्यों में एक अप्रैल, 2026 से जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य शुरू किया जा चुका है।

कार्मिकों के माध्यम से मकानों की गणना का कार्यक्रम 25 अप्रैल से शुरू होकर 24 मई तक होगा। इसमें आमजन को घर की स्थिति, घर में उपयोग होने वाली वस्तुओं, मुख्य खाद्य पदार्थ आदि के संबंध में 33 प्रश्नों के भीतर जानकारी देनी होगी।

इन 16 भाषाओं में की जा सकती है स्वगणना
उन्होंने बताया कि स्वगणना में जनता की सहूलियत के लिए आनलाइन जानकारी 16 भाषाओं में दी जाएगी। इनमें असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल है।

सीएमएमएस पोर्टल से रहेगी नजर
स्वगणना के बाद भवन स्वामी जो एसई आइडी रखेगा। उसका उपयोग प्रगणक मौके पर आकर भवन गणना के दौरान करेंगे। जैसे ही वह इस आइडी का प्रयोग कर गणना पूरी कर लेंगे तो उसकी जानकारी सीधे आनलाइन दर्ज हो जाएगी।

विभागीय अधिकारी जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) के माध्यम से आनलाइन यह देख सकेंगे कि प्रगणक किस क्षेत्र में हैं और उसने कितने भवनों की गणना कर ली है।
जियो टैगिंग से कर सकेंगे भवनों का चिह्नीकरण
स्वगणना में एक महत्वपूर्ण कार्य भवन की जियो टैगिंग भी होगा। इसके लिए भवन स्वामी अथवा प्रगणक स्वगणना व भवन गणना के दौरान जियो टैगिंग करेंगे। इससे भवनों की सही स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।

हरिद्वार में तैनात हैं सबसे अधिक प्रगणक
जगनणना के लिए विभाग ने 30 हजार से अधिक प्रगणकों की तैनाती की है। इनमें सबसे अधिक 3460 प्रगणक हरिद्वार, 3046 प्रगणक यूएस नगर, 2288 प्रगणक देहरादून, 1959 प्रगणक पौड़ी और 1676 प्रगणक टिहरी में तैनात होंगे। वहीं सबसे कम 699 प्रगणक रुद्रप्रयाग जिले में तैनात होंगे।

shivani Rawat

Share
Published by
shivani Rawat

Recent Posts

जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के अनुरोध पर मुख्यमंत्री पुष्कर…

50 seconds ago

Adi Kailash Parikrama Run to Become Annual Feature in Uttarakhand’s Tourism Calendar | Uttarakhand News Network

The Adi Kailash Parikrama Run is set to emerge as a major attraction for adventure…

3 minutes ago

युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में किया प्रतिभाग जीवन में व्यवहार, विनम्रता और…

42 minutes ago

युवाओं की प्रतिभा और मेहनत से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्प: मुख्यमंत्री धामी –

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से…

1 hour ago

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बदरीनाथ धाम कूच तथा न्याय यात्रा हास्यास्पद- हेमंत द्विवेदी

आरोप लगाने का शौक है तो प्रमाण लेकर आइये, राजनीतिक नौटंकी बंद कीजिए : हेमंत…

1 hour ago

मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री की कुमाऊँनी वॉइस क्लिप से हुई अभियान की शुरुआत लोकभाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन…

2 hours ago