देहरादून, 5 अप्रैल।
ग्राफिक एरा अस्पताल की विशेषज्ञ ने एक गर्भवती महिला के पेट से 20 फाइब्रॉइड्स (गांठें) निकाल कर सुरक्षित प्रसव कराने का नया कीर्तिमान बनाया है।
यह चिकित्सा क्षेत्र में देश भर में अपनी तरह का पहला मामला है जिसमें इतनी ज्यादा गांठें एक साथ निकालने के साथ ही मरीज को खतरे से बचा लिया गया है।
ह्रदय और ब्रेन से जुड़े जटिल व दुर्लभ मामलों में बिना आपरेशन इलाज करने और अवरुद्ध आहार नली को बिना आपरेशन खोलने जैसे अनेक बड़े कीर्तिमान कायम करने के बाद अब ग्राफिक एरा अस्पताल में यह नया और गौरवान्वित करने वाला रेकॉर्ड बनाया गया है।
ग्राफिक एरा अस्पताल की कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट व लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ दिव्या मिश्रा ने देहरादून निवासी 34 वर्षीय महिला एम. रावत का यह आपरेशन करने में सफलता हासिल की है।
डॉ दिव्या मिश्रा ने बताया कि इस महिला की बच्चेदानी में कुछ फाइब्रॉइड्स (गांठें) होने का उसकी गर्भावस्था के दौरान ही पता चल गया था। करीब साढ़े आठ माह की गर्भावस्था में उसे लेबर पेन होने पर ग्राफिक एरा अस्पताल लाया गया था। उसका बीपी हाई रहता था।
विभिन्न जांचों से पता चला कि उसके पेट में दो-चार नहीं, बल्कि 20 फाइब्रॉइड्स (गांठें) हैं। इतनी अधिक गांठें होने पर आपरेशन लम्बा चलता है और इस दौरान बहुत अधिक खून बहने से मरीज का जीवन संकट में पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि इस केस में सिजेरियन डिलीवरी कराने के साथ ही सभी 20 फाइब्रॉइड्स (गांठों) को निकालते समय रक्तस्राव रोकना सबसे बड़ी चुनौती था।
ऑपरेशन थियेटर में इसके लिए नई तकनीकें अपनाने के साथ ही सर्जरी फास्ट की गई। इस तरह रक्तस्राव कम कर दिया गया। मरीज की बच्चेदानी से निकाली गई ये फाइब्रॉइड्स (गांठों) में सबसे बड़ी आठ गुणा छह सेंटीमीटर की है।
सबसे छोटी गांठ दो गुणा दो सेंटीमीटर की पाई गई है। आपरेशन की सफलता के बाद महिला और उनका शिशु बिल्कुल ठीक हैं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ दिव्या मिश्रा ने बताया कि चिकित्सा जगत के देश में ऐसा कोई केस पहले कभी रिपोर्ट नहीं किया गया है। गर्भवती महिला की बच्चेदानी में इतने बड़े आकार की एक साथ 20 फाइब्रॉइड्स (गांठें) पाये जाने और उसकी सर्जरी करके सुरक्षित डिलीवरी का यह देश का पहला केस है।
विश्व में यह अपनी तरह का दूसरा मामला है। दुनिया में इससे अधिक 38 फाइब्रॉइड्स (गांठें) गर्भवती महिला के पेट से निकालने का एक मामला नाइजीरिया में रिकॉर्ड किया गया है। इससे डेढ़ साल पहले डॉ दिव्या मसूरी की एक महिला के पेट से डिलीवरी के दौरान 15 गांठें एक साथ निकाल चुकी हैं। देश के अपनी तरह के इस पहले मामले को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने इस शानदार कामयाबी पर डॉ दिव्या मिश्रा को बधाई देते हुए कहा कि ग्राफिक एरा अस्पताल में देश की नवीनतम तकनीकों और अनुभवी विशेषज्ञों के जरिये जिंदगी की डोर को विश्वास से जोड़ने तथा लोगों के दुख दर्द कम करने को लक्ष्य बनाया गया है।
ग्राफिक एरा की पहाड़ के दूर दराज के गांवों में सचल मेडिकल टीमें भेजकर लोगों को उनके घर के पास निशुल्क चिकित्सा सेवाएं, वहीं लैब में परीक्षण और दवाएं देने की पहल एक नियमित सेवा बन रही है।
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