उत्तराखंड में मेडिकल की पढ़ाई कर रही आकृति के साथ ऐसा क्या हुआ कि उसने उठाया खतरनाक स्टेप, आखिर बार कॉरिडोर में देखी गई – Uttarakhand

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)उत्तराखंड से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. उत्तराखंड के श्रीनगर में मौजूद वीर चंद्र सिंह गढ़वाल राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, मेडिकल कॉलेज में उस वक्त हड़कंप मच गया जब वहां पीजी की पढ़ाई कर रही एक महिला डॉक्टर का शव उसके बंद रूम से बरामद हुआ. पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और आगे की प्रक्रिया में लग गई. आइए जानते है क्या हैं पूरा मामला.क्या है पूरा मामला?उत्तराखंड के श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई कर रही डॉ. आकृति श्रेया(27) ने रविवार को देर रात अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली. आकृति झारखंड की रहने वाली थी और पटना से उसने एमबीबीएस की पढ़ाई की थी. पटना के बाद आकृति श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विषय से पीजी कर रही थीं.मिली जानकारी के अनुसार, आकृति को रविवार की रात 9 से 10 के बीच हॉस्टल के ही कॉरिडोर में टहलते हुए देखा गया था. इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई जिसके बाद उसकी किसी से मुलाकात नहीं हुई. अगले दिन यानी सोमवार को आकृति कॉलेज के सेमिनार में भी नहीं आई. परिजनों ने आकृति को फोन किया तो जवाब नहीं मिला तो उन्होंने उसके दोस्तों से संपर्क किया.चादर से लटका मिला शवजब आकृति का कुछ पता नहीं चला तो यह मामला तेजी से फैला. सूचना मिलने पर कॉलेज प्रशासन और एचओडी ने हॉस्टल स्टाफ को कमरे में चेक करने के लिए, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला. मोबाइल भी लगातार रिंग कर रहा था लेकिन फोन उठ नहीं रहा था. मामला संदेहास्पद होने पर पुलिस को बुलाया गया.पुलिस ने हॉस्टल पहुंचकर जब दरवाजा तोड़ा तो वहां का मंजर अलग ही था. पुलिस को कमरे में चादर से लटका आकृति का शव मिला. कमरे से पेस्ट्री का टुकड़ा, दवाइयां और मोबाइल बरामद हुआ. पुलिस ने वहां मौजूद साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई.पुलिस की जांच शुरूइस पूरे मामले पर कोतवाली प्रभारी जयपाल सिंह नेगी ने बताया कि डॉ. आकृति के कमरे को सील कर दिया गया है. मौके से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है. फिलहाल पुलिस वहां से मिले सामानों की जांच कर रही और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है, जिसके बाद ही असली कारण का पता चल सकेगा. हालांकि शुरुआती जांच में मानसिक तनाव और पढ़ाई का दवाब संभावित कारण माना जा रहा है.डॉक्टर का कमरा सीलइस घटना पर कोतवाली प्रभारी जयपाल सिंह नेगी ने बताया कि आकृति के कमरे को सील कर दिया गया है. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. मोबाइल डेटा की जांच और परिजनों से पूछताछ के बाद ही असली कारण सामने आ सकेगा. शुरुआती जांच में मानसिक तनाव और पढ़ाई का दबाव संभावित कारण माना जा रहा है. 

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