क्या है बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्रकार की रूह कंपा देने वाली नृशंसता हत्या की कहानी : – myuttarakhandnews.com

बीजापुर ( छत्तीसगढ़) : युवा पत्रकार 33 वर्षीय मुकेश चन्द्राकर पिछले कुछ समय से बक्सर जंक्शन में लिखते थे ।1 जनवरी 2025 की शाम को मुकेश चन्द्राकर सिर्फ टी-शर्ट और शॉर्ट्स में जॉगिंग के लिए घर से निकले थे, मुकेश लंबे समय से आदिवासी माओवादी इलाकों में जा कर पत्रकारिता कर रहे थे । वे अपनी पत्रकारिता के लिए लोगों के बीच लोकप्रिय थे ,वह लगातार छत्तीसगढ़ में कई भर्ष्टाचार की मामलों को उजागर भी कर रहें थे ।1 जनवरी से गायब मुकेश का शव 3 जनवरी को बीजापुर के एक ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर के बाड़े के सैप्टिक टैंक में मिला ।Oplus_131072
जब मुकेश चन्द्राकर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आयी तो पोस्टमार्टम में रूह कंपा देने वाली नृशंसता सामने आई है।उनका लीवर 4 टुकड़ों में मिले ,5 पसलियां टूटीं, सिर पर 15 फ्रैक्चर, हार्ट फटा हुआ और गर्दन टूटी हुई , पीएम करने वाले डॉक्टरों ने भी कहा है कि उन्होंने अपने कॅरियर में इतनी बुरी स्थिति में कोई शव नहीं देखा । उसके शरीर का ऐसा कोई भी हिस्सा नहीं छूटा था जहां आरोपियों ने चोट न पहुंचाई हो।
मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या के मामले में बस्तर संभाग के आईजी पी सुंदरराज ने बड़ा खुलासा किया कि दो लोगों ने मिलकर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की थी। लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि ये कार्य दो लोगों का नहीं हो सकता ।
मामले में सुरेश चंद्राकर को मुख्य आरोपी बनाया गया,मामले की जांच के लिए 11 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित कर दी गई ।हत्या के बाद सुरेंश चन्द्राकर ठेकेदार के मुंशी महेंद्र रामटेके और उसके भाई रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था ।6जनवरी 2025 को आरोपी ठेकेदार को हैदराबाद से एसआईटी की टीम ने गिरफ्तार किया , जिसे अपने साथ बीजापुर लाया गया , वहीँ उसी दिन पुलिस ने सुरेश की पत्नी को कांकेर जिले से गिफ्तार किया ।
बताया जा रहा है कि मुकेश चन्द्राकर ने कुछ समय पहले 120 करोड़ सड़क निर्माण घोटालों को उजागर किया था । जिससे ठेकेदार सुरेश मुकेश से खुंदक खाया था , मुकेश द्वारा पुर्व में भी सुरेश और उसके भाईयों के अवैध कब्जों ,अकुल सम्पति पे कवरेज की थी ।
सूत्रों के अनुसार एक जनवरी की रात को मुकेश को सुरेश ठेकेदार के बीजापुर की चट्टानपारा स्थित बाड़े पर बुलाया गया , जहां रात को भोजन करने के दौरान आरोपी रितेश चन्द्रकार ने मुकेश चन्द्रकार से पारिवारिक सबंध होने के बावजूद काम में सहयोग की बजाय बाधा डालने की बात कही, इसी दौरान बहस बढ़ गयी ।
बताया जा रहा है कि रितेश चन्द्रकार ने बाड़े में मौजूद सुपरवाईजर महेन्द्र रामटेके के साथ मिलकर मुकेश चन्द्रकार के सिर, छाती, पेट और पीठ पर लोहे की रॉड से वार कर हत्या कर की ।
शव को ठीकाने लगाने के लिए पास के सेप्टीक टेंक में डाल दिया, और स्लेब का ढक्कन से बंद कर दिया ।उस समय सुरेश उसकी पत्नी , ठेकेदार का मुन्सी व दिनेश मौजूद थे ।
घटना इतनी निर्मम थी कि हर कोई दंग रह गया ।
खबरों अनुसार पुलिस ने सुरेश चंद्राकर के सभी बैंक खाते और एटीएम ट्रांजैक्शन को सीज किया गया है ।
आरोपी ठेकेदार का गंगालूर सड़क पर पांच एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा था।वहीं प्रशासन ने सुरेश चंद्राकर के सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने कंस्ट्रेक्शन डंपिंग यार्ड पर भी जेसीबी चलाकर हटवा दिया ।
हालांकि सवाल ये उठ रहा है कि यह अवैध निर्माण और कब्जा वर्षो से था फिर इतने वर्षों से प्रशासन भी क्या ये हत्याकांड होने का इंतजार मार रहा था??आरोपी ठेकेदार व उसके भाई वर्षो कॉंग्रेस पार्टी के सदस्य रहने के बाद अब बीजेपी में शामिल हुए थे ।
घटना के बाद क्षेत्र के माओवादियों संगठन ने भी प्रतिक्रिया दी और प्रेस नोट जारी किया ।Oplus_0

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