जिंदा थी तो सपने टूटे, मरने के बाद कागजों में उलझी लाश! 18 साल की बेटी का शव लेकर दर-दर भटके परिजन, रात 11 बजे हुआ अंतिम संस्कार | Uttarakhand kanti murder system apathy postmortem | my uttarakhand news

जिंदा थी तो सपने टूटे, मरने के बाद कागजों में उलझी लाश! 18 साल की बेटी का शव लेकर दर-दर भटके परिजन, रात 11 बजे हुआ अंतिम संस्कार | Uttarakhand kanti murder system apathy postmortem | my uttarakhand news


हिंदी

Nandni sharma

Recent Posts

अविरल-निर्मल गंगा के लिए जनभागीदारी जरूरी : डॉ. शैलेन्द्र –

देहरादून,। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने कहा कि जल संरक्षण केवल…

3 hours ago

बीकेटीसी बोर्ड बैठक में अहम फैसले, द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज

ऋषिकेश:  श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप…

4 hours ago

जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के निधन से शोक की लहर,मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख

नैनीताल। जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के आकस्मिक निधन से सूचना विभाग सहित पूरे…

5 hours ago

गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सियासत तेज, हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आमने-सामने आए मंत्री और याचिकाकर्ता

मंत्री बोले- हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, याचिकाकर्ता पक्ष ने कहा- आदेश अभी औपचारिक रूप…

6 hours ago