विश्व हेपेटाइटिस दिवस: समय पर जांच, टीकाकरण और जागरूकता से बचाई जा सकती है लाखों जिंदगियां –

 
 
देहरादून,विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने वायरल हेपेटाइटिस के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच, टीकाकरण और शीघ्र उपचार की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। इस वर्ष की वैश्विक थीम “Hepatitis: Let’s Break It Down” का उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच और उपचार तक पहुंच सुनिश्चित करना तथा बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार वायरल हेपेटाइटिस आज भी विश्वभर में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। यह लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। हेपेटाइटिस A, B और E से बचाव के लिए प्रभावी टीके उपलब्ध हैं, जबकि हेपेटाइटिस C का आधुनिक एंटीवायरल दवाओं से सफल इलाज संभव है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में संक्रमित लोगों को लंबे समय तक अपनी बीमारी की जानकारी नहीं होती, क्योंकि शुरुआती अवस्था में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते।
विशेषज्ञों ने बताया कि हेपेटाइटिस A और E मुख्य रूप से दूषित भोजन और गंदे पानी के सेवन से फैलते हैं, जबकि हेपेटाइटिस B, C और D संक्रमित रक्त तथा शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क से फैलते हैं। सुरक्षित भोजन, स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित इंजेक्शन, जांचे हुए रक्त का ही उपयोग तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण संक्रमण से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
वायरल हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षणों में लगातार थकान, भूख कम लगना, मतली, उल्टी, पेट दर्द, बुखार, त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (पीलिया), गहरे रंग का पेशाब, हल्के रंग का मल तथा बिना कारण वजन कम होना शामिल हैं। हालांकि कई मरीजों में वर्षों तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए जोखिम वाले लोगों और जिनके परिवार में लिवर रोग का इतिहास हो, उन्हें नियमित जांच अवश्य करानी चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. मयंक गुप्ता, प्रिंसिपल कंसल्टेंट (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने कहा कि वायरल हेपेटाइटिस की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अधिकांश मरीजों को बीमारी का पता तब चलता है, जब लिवर को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, टीकाकरण, जागरूकता और सभी तक बेहतर उपचार की उपलब्धता से इस बीमारी के दुष्प्रभावों को काफी हद तक रोका जा सकता है तथा वर्ष 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य के बड़े खतरे के रूप में समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकती है।
डॉ. गुप्ता ने लोगों से व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, सुरक्षित भोजन और स्वच्छ पानी का उपयोग करने, असुरक्षित इंजेक्शन से बचने, हेपेटाइटिस A और B के टीके लगवाने तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और संकोच को दूर करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि लोग बिना डर के समय पर जांच और इलाज करा सकें।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर सभी नागरिकों से अपने लिवर के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, समय पर जांच कराने, टीकाकरण करवाने और जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। अस्पताल का मानना है कि सामूहिक प्रयास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच और सही जानकारी के माध्यम से वायरल हेपेटाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है।

pooja Singh

Share
Published by
pooja Singh

Recent Posts

काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण

देहरादून : लगातार हो रही बरसात के दौरान नदी किनारे रह रहे लोगों की सुरक्षा…

7 minutes ago

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात

459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ- रावत  एनआईटी श्रीनगर के…

28 minutes ago

कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे- जिलाधिकारी

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर एसआईआर आपत्ति…

2 hours ago

उत्तराखंड में कुदरत का कहर: उफान पर गंगा और अलकनंदा, 132 सड़कें बंद, 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की प्रचंड बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।…

2 hours ago

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई वन भूमि हस्तांतरण की बैठक

जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों में तेजी, समयबद्ध फॉलोअप और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के दिए…

2 hours ago