देहरादून, । युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में संगठित और सक्रिय करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से देहरादून महानगर दक्षिण के महाराणा प्रताप नगर में भव्य युवा एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित प्रकाश गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में करीब 350 युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराने के साथ ही सकारात्मक सोच, अनुशासन, सामाजिक समरसता और सेवा भाव को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और भविष्य की दिशा उसकी युवा शक्ति तय करती है। युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान में भी राष्ट्र की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण सहभागी हैं। युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और सामर्थ्य को सही दिशा मिले तो वे समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। इसी उद्देश्य से आयोजित एकत्रीकरण में युवाओं को राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर जागरूक किया गया।सकारात्मक दिशा में लगाएं युवा ऊर्जाकार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के विभाग प्रचारक धनंजय ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर ऊर्जा, उत्साह, प्रतिभा और कुछ नया करने का सामर्थ्य होता है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि इस ऊर्जा का उपयोग सही दिशा में किया जाए।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदल रहा है और युवाओं के सामने अवसरों के साथ अनेक चुनौतियां भी हैं। तकनीकी बदलाव, बदलती जीवनशैली और सामाजिक परिस्थितियों के बीच युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि अनुशासन, सकारात्मक सोच, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना युवाओं को इन चुनौतियों से मुकाबला करने की शक्ति प्रदान करती है।धनंजय ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज और राष्ट्र के हित को भी अपने जीवन का उद्देश्य बनाएं। उन्होंने कहा कि केवल अपने लिए आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं है। समाज में ऐसे अनेक लोग हैं, जिन्हें सहयोग, मार्गदर्शन और संवेदनशीलता की आवश्यकता है। युवाओं को जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक जागरूकता और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।राष्ट्र निर्माण सामूहिक जिम्मेदारीउन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। देश के विकास और समाज के उत्थान में प्रत्येक नागरिक की भूमिका होती है। जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझकर कार्य करता है, तभी मजबूत और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।उन्होंने युवाओं से सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने और समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया। कहा कि युवा अपने आसपास के लोगों को जागरूक कर सकते हैं और छोटी-छोटी पहल के माध्यम से समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। युवाओं की संगठित शक्ति सामाजिक चेतना को नई गति देने में सक्षम है।नशे से दूर रहकर लक्ष्य की ओर बढ़ें युवाकार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. औलख ने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि नशा युवा शक्ति की क्षमता और प्रतिभा को कमजोर करता है। इसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है।उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करें और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, रोजगार, खेल, सामाजिक सेवा, रचनात्मक गतिविधियों तथा राष्ट्रहित के कार्यों में लगाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित युवा ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव तैयार कर सकते हैं।डॉ. औलख ने कहा कि युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने आसपास के अन्य युवाओं को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा यदि दृढ़ संकल्प के साथ सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं तो समाज में नशे जैसी बुराइयों के खिलाफ प्रभावी वातावरण तैयार किया जा सकता है।सामाजिक बदलाव में युवाओं की भागीदारी जरूरीविशिष्ट अतिथि मेजर रोहित प्रजापति ने युवाओं को राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर सामाजिक विकास तक हर क्षेत्र में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। सामाजिक चेतना और सकारात्मक बदलाव तभी संभव है, जब युवा स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालें।उन्होंने युवाओं से समाज के प्रति संवेदनशील बनने और अपने आसपास होने वाले सकारात्मक कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति में नेतृत्व करने और समाज को नई दिशा देने की क्षमता है। जरूरत इस बात की है कि इस क्षमता का उपयोग रचनात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में किया जाए।युवाओं में दिखा उत्साहयुवा एकत्रीकरण कार्यक्रम में करीब 350 युवाओं की सहभागिता रही। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं में विशेष उत्साह और ऊर्जा दिखाई दी। वक्ताओं के संबोधन के दौरान युवाओं को राष्ट्र, समाज और अपने दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने, अनुशासित जीवन जीने और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि युवा शक्ति केवल भविष्य की उम्मीद नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य को राष्ट्रहित में समर्पित करें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी जा सकती है। एकत्रीकरण के माध्यम से युवाओं को इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
