विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने तैनाती प्रस्ताव को दी मंजूरी
कहा, फैकल्टी की कमी होगी दूर, शिक्षण व प्रशिक्षण कार्यों में होगी गुणात्मक वृद्धि
देहरादून। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब फैकल्टी की कमी आड़े नहीं आयेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से विभिन्न संकायों में चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में तैनाती दे दी गई है। सूबे के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों के तैनाती प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ होगा तथा शिक्षण, प्रशिक्षण एवं शोधात्मक कार्यों को नई गति मिलेगी।
राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को उच्च मानकों के अनुरूप विकसित करने में निरंतर प्रयासरत है। सरकार मेडिकल कॉलेजों में जहां आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करा रही है वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी बड़े स्तर पर तैनाती कर रही है। इसी क्रम में सूबे के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से विभिन्न संकायों में चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों के तैनाती प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही इन चयनित संकाय सदस्यों को प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। जिसमें राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में विभिन्न संकायों में 41 असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती दी गई है। इसी प्रकार राजकीय मेडिकल हरिद्वार में 12, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 33, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में 24, राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर में 02 तथा राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में 28 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रथम तैनाती दी गई है। मेडिकल कॉलेजों में दो दर्जन से अधिक संकायों में संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई है। जिसमें विशेष तौर पर एनेस्थीसिया संकाय में 15 असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती मिली है। इसी प्रकार एनाटॉमी व पीडियाट्रिक्स में 7-7, ब्लड बैंक, रेडियोथेरेपी व डर्मेटोलॉजी में 3-3, कम्युनिटी मेडिसिन व पैथोलॉजी 12-12, डेंटिस्ट्री 2, इमरजेंसी व फॉरेन्सिक मेडिसिन 1-1, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, रेस्पीरेट्री मेडिसिन व फार्माकोलॉजी 5-5, माइक्रोबॉयोलॉजी व आर्थोपीडिक्स 9-9, ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी 8, ऑप्थैल्मोलॉजी 4 तथा ओटो-राइनो-लेरिंगोलॉजी, बॉयोकैमेस्ट्री, साईकाइट्री व फिजियोलॉजी संकाय में 6-6 असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनाती मिली है। मेडिकल कॉलेजों में मानकों के अनुरूप प्रत्येक संकाय में फैकल्टी की तैनाती से न केवल मेडिकल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी बल्कि प्रशिक्षण व शोध कार्यों को भी गति मिलेगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होगी जिससे वहां आने वाले रोगियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
असिस्टेंट प्रोफसरों की नियुक्ति से कॉलेजों में होगी फैकल्टी की कमी दूर- डॉ. रावत
प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को उच्च मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ ही अनुभवी व प्रशिक्षित फैकल्टी की भी तैनाती की जा रही है। इसी कड़ी में चयन बोर्ड से चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों को विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। असिस्टेंट प्रोफसरों की नई नियुक्ति से कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर होगी जिससे शिक्षण, प्रशिक्षण एवं शोध कार्यों में गुणात्मक सुधार होगी ही साथ ही सम्बद्ध चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाएं भी और मजबूत होगी।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
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