Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: बीते दिनों आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के ‘लड्डू प्रसादम’ में इस्तेमाल किए जाने वाले घी को लेकर विवाद (Tirupati Laddu Controversy) खड़ा हो गया है. तिरुपति के प्रसिद्ध लड्डू प्रसादम का इतिहास बेहद पुराना है. बावजूद इसके पशु की चर्बी और फिश ऑयल के इस्तेमाल की खबर ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है. जिसको लेकर सोशल मीडिया पर भी तमाम प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है. इन सब विवादों से इतर आज हम आपको बताते हैं देवभूमि उत्तराखंड के चार धामों के मंदिरों (केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री) में चढ़ाए जाने वाले भोग और श्रद्धालुओं को मिलने वाले प्रसाद में क्या कुछ खास होता है.उत्तराखंड को यूं ही नहीं देवभूमि कहा जाता है. हजारों की संख्या में पग-पग पर यहां पौराणिक मंदिर विद्यमान है. मुख्य रूप से उत्तराखंड के चार धाम में, देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री में भी देश के अन्य बड़े मंदिरों की तरह भगवान को भोग लगाया जाता है. आइए जानते हैं इस प्रसाद के बारे में.बद्रीनाथ धाम का भोगउत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भगवान विष्णु को समर्पित बद्रीनाथ धाम में लाखों की संख्या में हर साल श्रद्धालु पहुंचते हैं. मंदिर में भगवान विष्णु को चढ़ाए जाने वाले भोग का अपना ही महत्व है.बदरीनाथ धाम में भगवान को वन तुलसी की माला, चने की कच्ची दाल और मिश्री का भोग लगाया जाता है. जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में इसे दिया जाता है. इसके अलावा, जिस जल से भगवान बद्रीनाथ का स्नान होता है, उसे भी प्रसाद के तौर पर श्रद्धालुओं को दिया जाता है. स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए केसर भोग को भी भगवान बद्रीनाथ को चढ़ाया जाता है.केदारनाथ में चढ़ाए जाते हैं चौलाई का लड्डूभगवान केदार को समर्पित केदारनाथ की महिमा किसी से छिपी नहीं है. दुनियाभर से भगवान भोले के भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं. बद्रीनाथ धाम की तरह केदारनाथ में भी भगवान को विशेष प्रसाद चढ़ाया जाता है. भगवान शिव को चौलाई के लड्डू चढ़ाए जाते हैं. सबसे खास बात है कि ये चौलाई के लड्डू स्थानीय महिला सहायता समूह द्वारा बनाए जाते हैं. इसके अलावा इलायची दाना भगवान के प्रसाद में शामिल किया गया है. आपको बता दें बाबा केदार का अभिषेक शुद्ध गाय के दूध से किया जाता है, जो वर्षों से होता आ रहा है.यमुनोत्री-गंगोत्री में चढ़ता है इलायची दानाउत्तराखंड के अन्य दो धामों (गंगोत्री और यमुनोत्री) में भी श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए पहुंचते हैं. मां गंगा और यमुना के समर्पित ये धाम अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी जाने जाते है. आपको बता दें केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर की तरह विशेष रूप से यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में प्रसाद नहीं चढ़ाया जाता है. लेकिन यहां चढ़ने वाले प्रसाद की अपनी एक महिमा है. इलायची दाना और सेब को सुखाकर मां गंगा और यमुना को चढ़ाया जाता है.
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