देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश के मूल निवासी पात्र खिलाड़ी और प्रशिक्षक 24 जुलाई, 2026 तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय रत्न खेल पुरस्कार, देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
रेखा आर्या ने बताया कि खेल रत्न और हिमालय रत्न पुरस्कार खिलाड़ियों की कैलेंडर वर्ष 2025 की उपलब्धियों के आधार पर दिए जाएंगे। इसके लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना अनिवार्य होगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ियों के लिए भी चयन से पूर्व उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया होना आवश्यक है।
आवेदन पत्र पर संबंधित मान्यता प्राप्त राज्य खेल संघ की संस्तुति तथा खेल प्रमाण-पत्रों का सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।
उन्होंने बताया कि देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रशिक्षक द्वारा तैयार किए गए खिलाड़ियों की पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों के आधार पर दिया जाएगा, जबकि लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए प्रशिक्षक द्वारा तैयार किए गए श्रेष्ठ 10 खिलाड़ियों की उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
प्रशिक्षकों के लिए मान्यता प्राप्त खेल संस्थान से एक वर्षीय डिप्लोमा, छह सप्ताह का प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम अथवा संबंधित राष्ट्रीय खेल संघ से प्रमाणित होना आवश्यक है। इसके अलावा प्रशिक्षक के अधीन खिलाड़ी द्वारा न्यूनतम 180 दिन प्रशिक्षण प्राप्त करने का ₹10 के स्टाम्प पर नोटरी प्रमाणित प्रमाण-पत्र भी आवेदन के साथ देना होगा।
खेल मंत्री ने बताया कि पुरस्कारों के लिए केवल ओलंपिक, विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, एफ्रो-एशियन खेल, एशियन, राष्ट्रमंडल एवं एफ्रो-एशियन चैंपियनशिप, सैफ खेल तथा राष्ट्रीय खेलों में प्राप्त उपलब्धियों को ही मान्यता दी जाएगी। इच्छुक खिलाड़ी और प्रशिक्षक निर्धारित आवेदन-पत्र के साथ अपने शैक्षणिक एवं खेल प्रमाण-पत्र, उत्तराखंड का मूल अथवा स्थायी निवास प्रमाण-पत्र तथा संबंधित राज्य खेल संघ की संस्तुति संलग्न कर 24 जुलाई तक निदेशक खेल कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
शपथ-पत्र देना होगा अनिवार्य
पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को ₹10 के नोटरी प्रमाणित स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र देना होगा कि उन्होंने कभी डोपिंग नहीं की है, किसी न्यायालय द्वारा दोषी नहीं ठहराए गए हैं, उनके विरुद्ध यौन उत्पीड़न का कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। साथ ही भविष्य में कोई तथ्य गलत पाए जाने पर पुरस्कार की धनराशि वापस करनी होगी और नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
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