Categories: hindiUttarakhand

ऋषिकेश में बिजली विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा, महिला और उसकी नन्ही बिटिया की मौत; स्थानीय लोगों ने खोला मोर्चा – myuttarakhandnews.com

ऋषिकेश: ऋषिकेश के खदरी क्षेत्र में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही से मां और उसकी 2 साल की मासूम बेटी की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना के बाद स्थानीय जनता का आक्रोश चरम पर है. गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं. वहीं विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच और मुआवजे का ऐलान किया है.
कैसे हुआ हादसायह दर्दनाक हादसा देर शाम खदरी खड़कमाफ के बरगद वाली गली में उस वक्त हुआ, जब तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच एलटी (LT) लाइन का तार टूटकर जलभराव वाली सड़क पर गिर गया. देवप्रयाग के सैड गांव की रहने वाली 26 वर्षीय सुमन अपनी 2 साल की बेटी सृष्टि और छोटे बेटे के साथ पैदल जा रही थीं. पानी में पैर फिसलने से सुमन गिर पड़ीं और उनकी गोद में मौजूद नन्हीं सृष्टि भी उसी पानी के संपर्क में आ गई. करंट की चपेट में आने से बच्ची ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया और सुमन की भी मौके पर ही मौत हो गई.
स्थानीय लोगों के उग्र विरोध और आरोपों के बाद बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों की टीम ने तड़के सुबह 5:30 बजे ही घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने शुरुआती कार्रवाई शुरू कर दी है.
घटना पर बिजली विभाग की कार्रवाईअधिशासी अभियंता (UPCL) शक्ति प्रसाद ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया रविवार 16 अगस्त को ऋषिकेश के खदरी क्षेत्र में जोरदार बारिश हुई थी. बारिश के दौरान ही एलटी लाइन का तार टूटकर सड़क पर भरे पानी में गिर गया, जिससे पानी में करंट उतर आया. अपने दो छोटे बच्चों के साथ सड़क पर जा रही एक महिला करंट की चपेट में आ गई, जिससे महिला और उसकी छोटी बच्ची की मौत हो गई. टीम गठित कर घटना की जांच के आदेश दिये गए हैं. मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के जेई और लाइनमैन को निलंबित कर दिया गया, इसके अलावा मृतक महिला के परिवार को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी.
बिजली विभाग द्वारा जेई और लाइनमैन को निलंबित किए जाने और आर्थिक सहायता दिए जाने के दावे से स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं. ग्रामीणों का कहना है कि छोटी मछलियों पर गाज गिराकर बड़े अधिकारियों को बचाया जा रहा है. अगर अधिशासी अभियंता समेत तमाम जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर सख्त धारा 103 (हत्या) के तहत कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरा क्षेत्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा.

Nandni sharma

Share
Published by
Nandni sharma

Recent Posts

उत्तराखंड में कुदरत का कहर: उफान पर गंगा और अलकनंदा, 132 सड़कें बंद, 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की प्रचंड बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।…

18 minutes ago

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई वन भूमि हस्तांतरण की बैठक

जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों में तेजी, समयबद्ध फॉलोअप और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के दिए…

39 minutes ago

देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 250 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, 5 की मौत

एक गंभीर घायल टिहरी। टिहरी जिले के देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में…

1 hour ago

उत्तराखंड में ITI होंगे अपग्रेड, उद्योगों की जरूरत के मुताबिक मिलेगा कौशल प्रशिक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की …

1 hour ago

खेल महाकुंभ 2026- 01 सितंबर से सजेगा मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी का मंच

न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होगा प्रतिभा का प्रदर्शन जिलाधिकारी ने दिए समयबद्ध तैयारियों…

2 hours ago