हरिद्वार/लखनऊ, 24 मई 2026:* उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
*कौन-कौन हुआ गिरफ्तार?*
ATS ने जिन चार आरोपियों को दबोचा है, उनके नाम हैं:
1. *महकाब, 22 वर्ष* – निवासी सहारनपुर, यूपी
2. *शाहरुख, 20 वर्ष* – निवासी सहारनपुर, यूपी
3. *गगनदीप सिंह, 25 वर्ष* – निवासी मुजफ्फरनगर, यूपी
4. *मुशर्रफ, 22 वर्ष* – निवासी ढंडेरा, रुड़की, हरिद्वार
*चौथा मॉड्यूल ध्वस्त, अस्पताल उड़ाने की साजिश*
ATS के मुताबिक यह शहजाद भट्टी गैंग से जुड़ा चौथा आतंकी मॉड्यूल है। इससे पहले भी ISI लिंक वाले चार आतंकी पकड़े जा चुके हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क भारत में स्लीपर सेल तैयार कर स्कूल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।
*रुड़की के मुशर्रफ को मिला था अस्पताल उड़ाने का टास्क*
जांच एजेंसियों ने बताया कि हरिद्वार के ढंडेरा निवासी मुशर्रफ को एक अस्पताल को उड़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोपी ने ऑनलाइन रेकी भी की थी और हथियार खरीदने के लिए बातचीत चल रही थी। हालांकि ATS सूत्रों के अनुसार, टारगेट किया गया अस्पताल उत्तराखंड से बाहर का है।
*इंस्टाग्राम से जुड़ा नेटवर्क, नोएडा में हुई गुप्त मीटिंग*
पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के संपर्क में आए थे। महकाब और गगनदीप ने बाद में मुशर्रफ और शाहरुख को भी इस नेटवर्क से जोड़ा। हाल ही में नोएडा में हुई एक गुप्त बैठक में चारों शामिल हुए थे, जहां हथियारों और फंडिंग को लेकर चर्चा हुई थी।
*POK से आ रहा था RDX, हथियारों की तस्करी*
ATS का दावा है कि शहजाद भट्टी का मॉड्यूल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) से RDX और हथियारों की सप्लाई ले रहा था। इन हथियारों को भारत में मौजूद स्लीपर सेल तक पहुंचाया जा रहा था। अब एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल, बैंक ट्रांजेक्शन और पिछले 3 महीने के मूवमेंट की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने किन धार्मिक स्थलों, थानों या सैन्य ठिकानों की रेकी की थी।
*ईद पर घर आया था मुशर्रफ, इलाके में हड़कंप*
मुशर्रफ की गिरफ्तारी के बाद रुड़की के ढंडेरा गांव में सनसनी फैल गई। पड़ोसियों को यकीन नहीं हो रहा कि वेल्डिंग और मजदूरी करने वाला 22 साल का युवक आतंकी साजिश में शामिल हो सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मुशर्रफ ईद मनाने 10 दिन पहले ही गांव आया था और सामान्य तरीके से सबसे मिल रहा था। परिवार का कहना है कि वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था और बचपन से ही पिता के साथ मजदूरी करता था। पिछले कुछ समय से वह परेशान था क्योंकि ठेकेदार ने उसका फोन और मेहनताना रोक रखा था। वह अक्सर फोन पर किसी से मोबाइल-पैसे लौटाने की बात करता था।
*दादा की थी इलाके में अच्छी साख*
ग्रामीणों ने बताया कि मुशर्रफ के दादा IIT रुड़की में कारपेंटर थे और इलाके में उनकी इज्जत थी। परिवार जिस मकान में रहता है, उसके दो कमरे आंगनबाड़ी केंद्र को किराए पर दिए गए हैं। परिवार का एक छोटा बेटा और एक बेटी भी है।
*आगे क्या?*
फिलहाल ATS, IB और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त टीम चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एजेंसियों को आशंका है कि यह मॉड्यूल बड़े आतंकी हमले की फिराक में था। हरिद्वार, देहरादून, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। NIA को भी केस सौंपा जा सकता है।
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