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चमोली हिमस्खलन: भारी बर्फबारी से रुका रेस्क्यू ऑपरेशन, 55 में से 4 मजदूर अब भी लापता – Uttarakhand

Avalancha en Chamoli: operación de rescate suspendida debido a fuerte nevada, 4 de los 55 trabajadores siguen desaparecidosइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)चमोली। उत्तराखंड के चमोली में माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए 17 अन्य श्रमिकों को शनिवार सुबह रेस्क्यू कर लिया गया. उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अब तक कुल 50 श्रमिकों को रेस्क्यू किया जा चुका है. बता दें कि इस हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई है.मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी खुद इस रेस्क्यू अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. शनिवार सुबह मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और जोशीमठ में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की. घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेस्क्यू अभियान को लेकर चर्चा की.उत्तराखंड: हिमस्खलन में फंसे 55 मजदूर, सेना का बचाव कार्य जारीउन्होंने बताया कि राहत और बचाव दलों ने सराहनीय कार्य करते हुए अब तक 50 लोगों को रेस्क्यू कर लिया है. हिमस्खलन में अब भी चार लोगों के फंसे होने की आशंका है. पहले इसकी संख्या पांच बताई जा रही थी. इनमें से एक व्यक्ति बिना किसी को बताए अपने घर चला गया था जिससे लापता लोगों की संख्या चार रह गई है. सुनील कुमार नाम के कर्मचारी बिना कोई सूचना दिए छुट्टी पर चले गए थे. उनके परिवार ने पुष्टि की कि वह अपने घर पहुंच चुके हैं. श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.पीएम मोदी ने की सीएम धामी से बातसीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी फोन पर रेस्क्यू अभियान को लेकर अपडेट लिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भी श्रमिकों की सुरक्षित निकासी के लिए चिंतित हैं और नियमित अपडेट ले रहे हैं. उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री का आभार जताया.3 कंटेनर ट्रेस करने की कोशिश जारीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि 5 कंटेनरों को ट्रेस कर श्रमिकों को सुरक्षित निकालने में राहत और बचाव दलों को सफलता मिली है. अत्यधिक बर्फ होने के कारण 3 कंटेनर ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं. आर्मी, आईटीबीपी द्वारा इन कंटेनरों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं. कंटेनरों की तलाश के लिए आर्मी के स्निफर डॉग भी लगाए गए हैं.माणा और ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में घायल श्रमिकों का उपचार किया जा रहा है. एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के साथ ही स्थानीय सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट मोड पर रखा गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि घटनास्थल पर अत्यधिक बर्फबारी हो रही है और 6 से 7 फीट तक बर्फ जमा है.

Nandni sharma

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