देहरादून। आज दिनांक 07.03.2025 को भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, देहरादून, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड जैव विविधता बोर्ड, उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वाधान में उत्तराखण्ड राज्य में निवास करने वाली अनुसूचित जनजातियों की जैवविविधता प्रबन्ध समितियों (बीएमसी) की दिनांक 05.03.2025 से 07.03.2025 तक तीन दिवसीय अग्रगामी क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को वित्तीय सहयोग पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली एवं भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, ई.आई.ए.सी.पी, कोलकाता द्वारा प्रदान किया गया है। इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से बीएमसी के पचास से अधिक जनजातिय महिला एवं पुरूषो सदस्य ने प्रतिभाग किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन होटल ललित पेलेस, किशन नगर, देहरादून में किया गया। इस कार्यक्रम में डा. एस.के. सिहं, कार्यालयाध्यक्ष, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, देहरादून, नीतीश मणि त्रिपाठी, सदस्य सचिव, उत्तराखण्ड जैव विविधता बोर्ड, डा. गौरव शर्मा, कार्यालयाध्यक्ष, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, देहरादून एवं मुख्य अतिथि डॉ प्रभात कुमार हाजरा, पूर्व निदेशक, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक डा. मनीष कण्डवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक, भावस ने कार्यक्रम की उपयोगिता और के भविष्य के रूपरेखा पर अपने विचार रखे। जिसका मुख्य विषय उत्तराखण्ड की जैव विविधता उनका गांवों से सम्बन्ध, दैनिक जीवन में जैव विविधता का रख-रखाव, इसका पारम्परिक ज्ञान और इसका संरक्षण था ।
इस कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञों डॉ. एस.के.सिंह, कार्यालयाध्यक्ष, भा.व.स., देहरादून, नितीश मणि त्रिपाठी, सदस्य सचिव उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड, डॉ. गौरव शर्मा, कार्यालयाध्यक्ष, भा.प्रा.स., देहरादून, एस. एस. रसायली, डॉ. राकेश शाह, डॉ. समीर पाटिल, डॉ.मनीष कंडवाल, डॉ. हर्षवर्धन नैथानी, डॉ. आरती गर्ग, डॉ. अमित, सुश्री रिया जैन ने जैव विविधता, जैव विविधता अधिनियम २००२, जैवविविधता प्रबन्ध समिति (बीएमसी), और इसके गठन, संचालन, भारतवर्ष की पादप और जीव विविधता आदि विषयों पर व्याख्यान दिए एवं प्रतिभागियों के उपयोग के लिए हेतु प्रशिक्षण मॉड्यूल का भी विमोचन किया गया |
इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों जिज्ञासाओं का समाधान उपस्थित विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी वितरित किये गए, इसके साथ ही प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान के लिए भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण,भारतीय प्राणी सर्वेक्षण एवं जैवविविधता प्रबन्ध समिति (बीएमसी), आमवाला, देहरादून का भ्रमण भी कराया गया |
आगामी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के परिपेक्ष्य में आज इस कार्यक्रम के संचालन महिलाओं की विशेष भूमिका रही जिसमे मंच सञ्चालन में डा. मोनिका मिश्रा, सुश्री श्रद्धा विश्नोई ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. आरती गर्ग ने किया। इस कार्यक्रम में विभाग से डॉ. पुनीत कुमार, डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. समीर, डॉ. भावना, डॉ. हरमिन्दर, सुभाषमित, सुश्री पॉलोमी, श्रीमती वैशाली, श्रीमती प्रीती, रिकेतरे, अमरदेव, अंशुमान भूपेंद्र, प्रियंका एवं जैव विविधता बोर्ड से मनोज, डा. अमित, प्रसन्नजीत, सचिन, रिया जैन और श्रद्धा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग संजय उनियाल, संजीत, शशांक, सतीश एवं जीतेन्द्र ने दिया |
देहरादून। दून में महिला जज ने रैपिडो चालक पर छेड़छाड़, अपहरण के प्रयास और धमकी…
Chief Minister Dhami attends Dussehra Festival at Parade Ground my uttarakhand news Bureau Dehradun, 20…
By OUR STAFF REPORTER Dehradun, 20 Oct: Uttarakhand Cabinet Minister for Tourism, Religious Affairs and…
देहरादून। उत्तराखंड में कुछ दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद अब एक बार फिर…
नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी…
आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर सख्ती, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के…