देहरादून। उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बसे गांव प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं। चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में मोपाटा गांव में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है। मलबे और तेज बहाव ने गांव में हड़कंप मचा दिया। वहीं, रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जानकारी के मुताबिक, अब तक सात लोगों की मौत हो गई है जबकि नौ लापता बताये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मोपाटा में बादल फटने से हड़कंप
चमोली के देवाल क्षेत्र में मोपाटा गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। दो ग्रामीण, तारा सिंह और उनकी पत्नी, लापता हो गए हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हैं। घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। एक गौशाला मलबे में दब गई, जिसमें 15 से 20 मवेशियों के फंसे होने की आशंका है। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए, लेकिन दुर्गम क्षेत्र और लगातार बारिश ने कार्यों में बाधा डाली।
रुद्रप्रयाग में नदियों का रौद्र रूप
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। अलकनंदा नदी ने चेतावनी सीमा पार कर ली, जिससे आसपास के घरों में पानी घुस गया। हनुमान मंदिर भी नदी में डूब गया है। केदारघाटी के लवारा गांव में मोटरमार्ग का पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे छेनागाड़ क्षेत्र का संपर्क कट गया। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि बसुकेदार क्षेत्र में चार घर बह गए, लेकिन सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश और राहत कार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली और रुद्रप्रयाग के हालात पर चिंता जताई और X पर लिखा, “बड़ेथ डुंगर और देवाल में बादल फटने से परिवार फंसे, राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं।” उन्होंने जिला प्रशासन, SDRF, और NDRF को युद्धस्तर पर बचाव कार्य करने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन सचिव और जिलाधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहकर स्थिति की निगरानी की जा रही है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
स्कूल बंद, ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 29 अगस्त 2025 के लिए देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट है। रुद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार, बागेश्वर, और पिथौरागढ़ में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने सुरक्षा के लिए सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भी स्कूल बंद करने के आदेश दिए।
चमोली में मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग लाता गांव के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया, जिससे एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। सड़क खोलने का कार्य जारी है। रुद्रप्रयाग में भारी बारिश ने कई मार्गों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे आवाजाही ठप हो गई है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 2013 की आपदा जैसी स्थिति की याद दिला रहा है।
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