समन्वय की कमी पर जताई नाराजगी, कहा—जनता से किए वादे हर हाल में धरातल पर उतरें
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में बिना तैयारी पहुंचे अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी महत्वपूर्ण बैठकों में बिना पूरी तैयारी के आना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा और भविष्य में सभी अधिकारी तथ्यात्मक जानकारी के साथ ही उपस्थित हों।
मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय और संवाद की कमी पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आपसी तालमेल के अभाव में कई विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हो रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। सभी सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों की घोषणाओं की गहन समीक्षा करें और प्रगति सुनिश्चित करें।
सीएम धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और जनता से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी विभागों से यह रिपोर्ट मांगी कि कितनी घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं और कितनी अभी लंबित हैं।
उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं और जिन कार्यों के आदेश जारी हो चुके हैं, उन पर तत्काल कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी पाया कि कई स्थानों पर कार्य शुरू होने के बावजूद शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि शिलापट्ट लगाना अनिवार्य किया जाए, अन्यथा संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे।
जिला स्तर के मामलों को शासन स्तर तक लाने पर भी मुख्यमंत्री ने असंतोष जताया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो समस्याएं जिला स्तर पर सुलझ सकती हैं, उन्हें वहीं प्राथमिकता से निपटाया जाए।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 जून से पहले एक बार फिर सचिवों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी लंबित कार्यों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करनी होगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में चल रही योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
उन्होंने विशेष रूप से पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, कृषि और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिलाधिकारी मौजूद रहे।
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