Categories: hindiUttarakhand

उत्तराखंड की धामी सरकार ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर जारी की एडवाइजरी, जानिए क्या कहा – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

Latest posts by Sandeep Chaudhary (see all)दिल्ली समेत कई राज्यों के अस्पतालों में हुई अब तक अग्निकांड को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से अलर्ट है। सीएम धामी के निर्देशों पर राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी के महीनों के दौरान अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक एडवाइजरी जारी की है।उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा जारी इस एडवाइजरी में राज्य के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा उपायों को तुरंत और पूरी तरह से लागू करने की मांग की गई है।डॉ. राजेश ने अस्पताल प्रबंधन, स्टाफ और नियामक निकायों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा, यह आवश्यक है कि हम ऐसी विनाशकारी घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाएं।एडवाइजरी में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएच एंड एफडब्ल्यू), नई दिल्ली द्वारा जारी “स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देशों” का पालन करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। अस्पतालों को इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना, राज्य अग्निशमन विभाग से वैध अग्नि अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करना, और नियमित अग्नि सुरक्षा ऑडिट और ऑन-साइट निरीक्षण करने की आवश्यकता है।एडवाइजरी में प्रमुख उपायस्थापना और रखरखावः अस्पतालों को प्रत्येक जरूरी स्थानों पर अग्निशामक, धुआं डिटेक्टर और अग्नि अलार्म स्थापित करने चाहिए, विशेष रूप से नवजात और गहन चिकित्सा इकाइयों में नियमित निरीक्षण के साथ। महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम और अन्य अग्नि शमन तंत्र से सुसज्जित होना चाहिए।आपातकालीन निकास और अग्निशमन विभाग के साथ सहयोगःस्पष्ट रूप से चिन्हित आपातकालीन निकास अनिवार्य हैं। अस्पतालों को स्थानीय अग्निशमन विभागों और आपातकालीन सेवाओं के साथ जरूरी कार्यसंबंधी संबंध स्थापित करना चाहिए।ऑक्सीजन सुरक्षाःऑक्सीजन सिलेंडरों या पाइप्ड ऑक्सीजन के उचित स्थान और भंडारण के साथ-साथ सख्त धूम्रपान निषेध नीतियां और ऑक्सीजन के पास हीट सोर्स पर नियंत्रण।भवन कोडःअग्नि सुरक्षा, विद्युत तारों, और आपातकालीन अवसंरचना सहित भवन सुरक्षा कोड का पालन।विद्युत ऑडिटःविशेष रूप से जब नया उपकरण जोड़ा जाता है या स्थानों को आईसीयू में परिवर्तित किया जाता है, तो वार्षिक विद्युत लोड ऑडिट करें।नियमित निरीक्षणःप्रमाणित पेशेवरों द्वारा नियमित अग्नि सुरक्षा निरीक्षणों का समयबद्ध तरीके से आयोजन करें और किसी भी कमी को तुरंत दूर करें।प्रशिक्षणःसभी अस्पताल कर्मचारियों, जिसमें डॉक्टर, नर्स, प्रशासनिक कर्मी और सुरक्षा कर्मचारी शामिल हैं, को व्यापक अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करें।रखरखावःसभी विद्युत उपकरणों, तारों और अन्य संभावित अग्नि खतरों के लिए सख्त रखरखाव कार्यक्रम लागू करें।संवेदनशील क्षेत्रों के लिए उन्नत उपायःनवजात और बाल चिकित्सा इकाइयों पर विशेष ध्यान दें, यह सुनिश्चित करते हुए कि इन क्षेत्रों में उन्नत अग्नि सुरक्षा उपाय हैं।आगंतुक दिशानिर्देशःआगंतुकों के लिए सख्त दिशानिर्देश स्थापित करें ताकि अग्नि खतरों, जैसे कि ज्वलनशील सामग्री का जोखिम कम हो।परिचय और प्रोटोकॉलःअस्पताल कर्मचारियों को अस्पताल के लेआउट और अग्नि सुरक्षा योजनाओं से परिचित कराएं, और अग्नि घटनाओं और निकट-मिस की रिपोर्टिंग के लिए विशिष्ट प्रोटोकॉल विकसित करें।

Nandni sharma

Share
Published by
Nandni sharma

Recent Posts

पुलिस स्मृति दिवस: शहीद जवानों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित –

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम…

1 hour ago

ग्रीन इंडिया मिशन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, आजीविका संवर्धन पर रहेगा विशेष जोर –

देहरादून। उत्तराखंड में ग्रीन इंडिया मिशन के तहत रोजगार सृजन और स्थानीय समुदायों की आजीविका…

1 hour ago

संस्कार और अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी: मुख्यमंत्री धामी –

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक और व्यावसायिक…

1 hour ago

विद्यालयों में हो स्थायी शिक्षक और सुदृढ़ शैक्षणिक व्यवस्थाः मुख्य सचिव

राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प,उत्कृष्टता केंद्र के रूप में किए जाएँगे विकसित…

3 hours ago

पौड़ी में विकसित किया जा रहा इको एडवेंचर पार्क, साहसिक पर्यटन और रोमांच का बनेगा नया केंद्र

नवाचारी पहल के रूप में विकसित होगा प्रकृति और रोमांच का संगम, जिलाधिकारी ने निरीक्षण…

4 hours ago