आवारा कुत्तों पर DM का डंडा! 55 हजार से ज्यादा का बंध्याकरण, अब पालतू डॉग का रजिस्ट्रेशन जरूरी…. – myuttarakhandnews.com

देहरादून। देहरादून में आवारा पशुओं और स्ट्रीट डॉग की बढ़ती समस्या को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में ABC-ARV कार्यक्रम और निराश्रित एवं पालतू गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की।
 
जिलाधिकारी ने नगर निकायों को आवारा पशुओं और श्वानों की संख्या का विस्तृत सर्वेक्षण कर पूरा और प्रमाणिक डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तैयार डेटा को पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण, टीकाकरण और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
 
डीएम ने Animal Birth Control (ABC) और Anti-Rabies Vaccination (ARV) कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही पालतू कुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने पर जोर दिया। डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को लेकर भी जिलाधिकारी ने नगर निकायों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस पहुंचाकर उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। वहीं, सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
 
बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है। वर्तमान में 72 डॉग केनल बनाए गए हैं, जबकि 144 केनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण पूरा होने के बाद करीब 300 श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध हो जाएगी।
 
नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित श्वानों के लिए 25 डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं। इसके अलावा पालतू श्वानों के 1,117 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।
 
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347 गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है। वहीं, सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 पशु रखे गए हैं। इस तरह दोनों कांजीहाउस में कुल 883 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं।
 
निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम यानी QRT के साथ चार पशुवाहन तैनात किए गए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि नगर निगम देहरादून क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को पकड़ा गया और सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया.

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