देहरादून। देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव के बीच बिजली की मांग लगातार नए रिकार्ड बना रही है, 21 मई को देश में अधिकतम 270.8 गीगावाट बिजली मांग दर्ज की गई। उत्तराखंड में भी इसी दिन अब तक की सबसे अधिक 2982 मेगावाट बिजली मांग रिकार्ड की गई। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग में तेजी आई है, जिससे बिजली खपत में बढी है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन ने शासन के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया कि मांग में बढ़ोतरी व उपलब्धता कम होने के बाद भी यूपीसीएल ने विद्युत प्रबंधन और ग्रिड समन्वय के जरिए प्रदेश में अब तक किसी प्रकार की कटौती नहीं होने दी है।
पीक आवर्स के दौरान बिजली उपलब्धता सीमितसोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में ऊर्जा उपलब्धता और विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जीएस बु़दियाल को निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए आने वाले दिनों में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में एमडी यूपीसीएल जीएस बुदियाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर पीक आवर्स के दौरान बिजली उपलब्धता सीमित हो रही है। ऊर्जा एक्सचेंज में अधिकतम निर्धारित दर 10 रुपये प्रति यूनिट होने के बावजूद पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके बावजूद यूपीसीएल ने अग्रिम विद्युत प्रबंधन योजना के तहत ऊर्जा एक्सचेंजों से अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की है।
गैस आधारित बिजली से सहयोगयूपीसीएल के एमडी जीएस बुदियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने राज्य को केंद्रीय पूल से आवंटित 250 मेगावाट बिजली के अतिरिक्त 150 मेगावाट और उपलब्ध कराई है। ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से एक से 15 मई तक 100 मेगावाट तथा 16 से 31 मई तक 225 मेगावाट अग्रिम बिजली की व्यवस्था भी की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को बड़ी राहत मिली है। बताया कि यूपीसीएल आकस्मिक स्थिति में केंद्रीय गैस आधारित बिजली की शेड्यूलिंग जैसे उपाय कर रहा है। इन्हीं तैयारियों के चलते 28 मई, 2026 तक प्रदेश में किसी भी प्रकार की रोस्टरिंग लागू नहीं करनी पड़ी है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से बिजली उत्पादन घटापिछले दो-तीन दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और हिमपात के कारण जल विद्युत उत्पादन में करीब चार मिलियन यूनिट की कमी आई है, लेकिन अधिकारियों ने आने वाले दिनों में उत्पादन में तेजी से सुधार की संभावना जताई है। यूजेवीएन ने भी विद्युत प्रबंधन में महत्वपूर्ण सहयोग देने की बात कही।
सतर्कता और समन्वय के साथ काम करें विभाग: मुख्य सचिवमुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बिजली प्रबंधन बेहद चुनौतीपूर्ण है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। प्रमुख सचिव डा आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि उपभोक्ता पीक आवर्स यानी शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक बिजली का संयमित और किफायती उपयोग करें। विशेष रूप से एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन और अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का न्यूनतम उपयोग करें, ताकि बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव कम किया जा सके।
देहरादून के स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला, शिक्षक पर लगे गंभीर इल्जाम; प्रधानाचार्य…
FDA का सख्त एक्शन, नोटिस पाने वाले कारोबारी अगले आदेश तक नहीं कर सकेंगे खाद्य…
नई टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जिले में शनिवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब…
देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों…
एडीएम के.के. मिश्रा ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, 18 शिकायतें प्राप्त; अधिकांश का मौके…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21 Oct: Chief Secretary Anand Bardhan on Wednesday emphasised the…