देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर से बुधवार को पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की। इस दौरान उर्मिला से वायरल ऑडियो-वीडियो के स्रोत, उनकी पृष्ठभूमि और उसके पीछे की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत सवाल किए गए। पूछताछ में नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों में दर्ज दोनों प्राथमिकियों के विवेचना अधिकारी शामिल रहे।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि उर्मिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान उर्मिला ने सुरेश राठौर के साथ हुई बातचीत की एक ऑडियो क्लिप पुलिस को सौंपी है, जिसे वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा उर्मिला द्वारा अपनी सुरक्षा को लेकर दिए गए प्रार्थनापत्र पर एलआईयू से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
बृहस्पतिवार को एसआईटी प्रभारी के सामने होंगी पेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार उर्मिला सनावर अब बृहस्पतिवार को हरिद्वार में एसआईटी प्रभारी एसपी सिटी के समक्ष पेश हो सकती हैं। वहां उनसे हरिद्वार से संबंधित प्राथमिकियों के मामले में पूछताछ की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि चार प्राथमिकियां दर्ज होने के बाद उर्मिला कुछ समय के लिए शांत हो गई थीं और उनका फोन भी स्विच ऑफ था। इसी बीच बुधवार को उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुई, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड आकर अंकिता हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य एसआईटी को सौंपने की बात कही थी। इसके बाद वह सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी दर्शन भारती के साथ बुधवार रात करीब नौ बजे देहरादून पहुंचीं।
ऑडियो रिकॉर्डिंग के अलावा नहीं मिला कोई नया साक्ष्य
पुलिस की शुरुआती जांच में उर्मिला सनावर के पास से ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है, जो अंकिता भंडारी हत्याकांड में किसी नए तथ्य की पुष्टि करता हो। पुलिस के अनुसार उर्मिला के पास केवल एक ऑडियो रिकॉर्डिंग और कुछ वीडियो हैं, जिन्हें उन्होंने स्वयं रिकॉर्ड किया है। यह ऑडियो वही है, जिसमें सुरेश राठौर और उर्मिला के बीच एक राजनेता का नाम लिए जाने की बातचीत है।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने ऑडियो में किए गए दावों के समर्थन में ठोस साक्ष्य मांगे, लेकिन उर्मिला इसके अलावा कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बातचीत के आधार पर लगाए गए आरोपों को साबित करने वाला कोई स्वतंत्र साक्ष्य सामने नहीं आया है।
फोरेंसिक जांच में भेजे गए ऑडियो-वीडियो
पुलिस ने स्पष्ट किया कि उर्मिला द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी ऑडियो और वीडियो पहले ही फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। अब इन्हीं सामग्रियों को लेकर उर्मिला एसआईटी प्रभारी के सामने अपना पक्ष रखेंगी।
बताया जा रहा है कि अब तक की पड़ताल में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की मूल जांच को प्रभावित करने वाला कोई नया तथ्य सामने नहीं आया है, जबकि उर्मिला ने देहरादून पहुंचने से पहले वीआईपी से जुड़े अहम साक्ष्य होने का दावा किया था।
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