देहरादून– – ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने अपने कार्यों में हमेशा सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता दी है और वुड पैनल उद्योग में जिम्मेदार उत्पादन के लिए जानी जाती है। कंपनी का मानना है कि औद्योगिक विकास तभी सार्थक है जब वह पर्यावरण और समाज के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़े।
इसी सोच के साथ ग्रीनप्लाई अपने संचालन के हर क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी को शामिल कर रही है। इसका उद्देश्य विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा, संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।
कंपनी के पर्यावरण, समाज और सुशासन (ESG) ढांचे को भी यही दृष्टि दिशा देती है। इसके माध्यम से ग्रीनप्लाई अपने कार्यों का पर्यावरण और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करती है, उन्हें बेहतर तरीके से प्रबंधित करती है और उनकी जानकारी साझा करती है। ESG रिपोर्टिंग के जरिए कंपनी अपने सस्टेनेबिलिटी प्रयासों में पारदर्शिता लाती है और ऐसे लक्ष्य तय करती है जो दीर्घकालिक प्रगति को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
ग्रीनप्लाई की सस्टेनेबिलिटी प्रतिबद्धता का एक प्रमुख उदाहरण उसका 100 मिलियन वृक्षारोपण संकल्प है। इसके तहत कंपनी ने वर्ष 2028 तक 100 मिलियन पेड़ लगाने में सहयोग देने का लक्ष्य रखा है। हरित क्षेत्र को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू हुई यह पहल आज उद्योग की महत्वपूर्ण वृक्षारोपण पहलों में से एक बन चुकी है।
अब तक कंपनी 89 मिलियन से अधिक पेड़ों के रोपण में सहयोग कर चुकी है। इस पहल के माध्यम से किसानों और ग्रामीण समुदायों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय आजीविका को भी सहारा मिलता है।
यह सहयोग नागालैंड के टिज़िट क्षेत्र में भी देखने को मिलता है, जहाँ ग्रीनप्लाई की एक प्रमुख विनिर्माण इकाई स्थित है। प्राकृतिक हरियाली से घिरा यह क्षेत्र इस बात का उदाहरण है कि जिम्मेदार औद्योगिक उपस्थिति पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर भी आगे बढ़ सकती है।
टिज़िट के आसपास वृक्षारोपण और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ग्रीनप्लाई हरित क्षेत्र को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की आजीविका और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी समर्थन दे रही है। यह पहल दिखाती है कि पर्यावरण से जुड़े प्रयास लोगों और प्रकृति दोनों के लिए लाभकारी हो सकते हैं।
कंपनी के विनिर्माण कार्यों में भी संसाधनों के संरक्षण को विशेष महत्व दिया जाता है। विशेष रूप से जल संरक्षण ग्रीनप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण फोकस क्षेत्र बन गया है। जल संसाधनों को सुरक्षित
रखने के लिए कंपनी ने अपनी इकाइयों में आधुनिक अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली और उन्नत जल उपचार तकनीकें लागू की हैं।
इन प्रणालियों के माध्यम से उपयोग किए गए पानी को साफ कर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। इससे ताजे पानी पर निर्भरता कम होती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि छोड़ा गया पानी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप हो।
उत्पादन प्रक्रियाओं में सुधार और संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से कंपनी दक्षता बढ़ाने और अपशिष्ट कम करने पर भी लगातार काम कर रही है। स्वच्छ प्रक्रियाओं और जिम्मेदार संसाधन उपयोग के जरिए ग्रीनप्लाई पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।
आज जब उद्योग अधिक जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। नवाचार, जवाबदेही और दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं के साथ कंपनी ऐसे भविष्य के निर्माण की दिशा में काम कर रही है जहाँ औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ आगे बढ़ें।
The Department of Youth Welfare and Prantiya Rakshak Dal has finalized the framework for the…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: Chief Minister Pushkar Singh Dhami, addressing probationers of…
हरिद्वार। वर्ष 2036 में भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प के साथ…
representational image The sale of ‘analog paneer’ in the market has now been banned. A…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 19 Aug: A serious allegation…
न्याय पंचायत, विधानसभा एवं संसदीय स्तर पर आयोजित होंगी अंडर-14 एवं अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग की…