देहरादून : पिछला वक्त वर्तमान कोंग्रेसी नेता हरक सिंह के लिये काफी मुश्किल भरा रहा है । कभी ED ,तो कभी CBI की मार झेलते झेलते हरक सिंह को अपने बीजेपी छोड़ कांग्रेस में वापसी के फैसले पर अफसोस तो हुआ है ।जनता द्वारा कही ना कहीं चुनावों से पहले अचानक ED की छापेमारी विपक्ष को आर्थिक रूप से कमजोर करने का एक हथकंडा भी माना जा रहा है ।ऐशे में जनता के बीच एक कहावत चलित है कि बीजेपी में जाने से सारे दाग धूल जाएंगे ।उत्तराखंड हलचल के सूत्रों से ताजा खबर है कि जल्द हरक सिंह पुराने गिलवे शिकवे भूला भारतीय जनता पार्टी का दामन पुनः थाम सकते है , और बहू अनुकृति भी उनके साथ कांग्रेस छोड़ सकती है ।दलबदल के लिये विख्यात हरक सिंह कदावर नेता के साथ साथ विवादित भी माने जाते है ऐशे में उंनका बीजेपी में वापस जाना कॉंग्रेस के लिये नुकसानदायक होता है या फायदेमंद ये अभी कहना मुश्किल है ।
Post Views: 71
Post navigation
₹135.18 लाख की लागत से इंटरलॉकिंग टाइल्स से होगा निर्माण कार्य कोटद्वार: विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड…
ऋषिकेश : : पहाड़ों में रेल पहुंचाने का सपना अब बहुत जल्द सच होने वाला…
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )जनपद चमोली के राजकीय प्राथमिक विद्यालय टंगसा गोपेश्वर की प्रधानाध्यापिका डॉ.…
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में…
देहरादून,। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने कहा कि जल संरक्षण केवल…
ऋषिकेश: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप…