देहरादून : उत्तराखंड में सड़क और कनेक्टिविटी का नेटवर्क जल्द ही एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है. राज्य के पर्वतीय इलाकों से लेकर धार्मिक और बॉर्डर क्षेत्रों तक सफर को आसान बनाने वाली कई बड़ी परियोजनाओं को केंद्र सरकार से हरी झंडी मिली है. केवल यही नहीं, हरिद्वार-लक्सर-पुरकाजी फोरलेन, पिथौरागढ़ बाईपास, अल्मोड़ा टनल, हरिद्वार को एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना और कैंची धाम तक फोरलेन सड़क जैसे प्रस्ताव राज्य के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देंगे. दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद इन परियोजनाओं की जानकारी दी और कहा कि इनसे पर्यटन, चारधाम यात्रा, सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन सभी को बड़ा लाभ मिलेगा.
पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हरिद्वार-लक्सर-पुरकाजी मार्ग को फोरलेन बनाने की स्वीकृति मिली है, जिससे त्योहार और मेलों के दौरान ट्रैफिक का दबाव कम होगा. इसके अलावा लोहाघाट-पिथौरागढ़ बाईपास, खटीमा-मझोला फोरलेन, रामनगर-शंकरपुर-मरचूला मार्ग के अपग्रेडेशन तथा हरिद्वार और कोटद्वार बाईपास जैसी परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है. उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के विस्तार के तहत बनने वाले करीब 160 किलोमीटर के नए हिस्से से हरिद्वार भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा. सरकार का लक्ष्य अर्धकुंभ से पहले इस परियोजना पर काम शुरू कराना है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ने वाली कनेक्टिंग सड़कों के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है. वहीं अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनटीडी तक करीब एक किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने पर भी सहमति बनी है. इस टनल के बनने से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी कम होगी और लोगों की आवाजाही आसान होगी.
जोशीमठ बाईपास के लंबित काम होंगे जल्द पूरेधामी ने कहा कि उत्तराखंड में हर साल भूस्खलन, बादल फटने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती रहती है. इसे देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों के उपचार और वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर के गठन तथा केंद्र सरकार के साथ एमओयू पर सहमति बनी है. साथ ही बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (Border Roads Organization) को जोशीमठ बाईपास और एनएच-34 के लंबित कामों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपदा की स्थिति में सड़कें जल्द बहाल की जा सकें.
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही वहां बाईपास का निर्माण करा चुकी है, लेकिन बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए अब सड़क चौड़ी करना जरूरी हो गया है. केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर पॉजिटिव आश्वासन दिया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि वह उत्तराखंड में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड तो बनते रहते हैं और मैं इसका बहुत ज्यादा संज्ञान भी नहीं लेता.
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