हरिद्वार: हरिद्वार जिले के रुड़की में टीचर पाकिस्तान से करोड़ों के लेन-देन में अरेस्ट हुई है। जम्मू-कश्मीर की पुलिस रेड मारकर उसे अपने साथ ले गई। युवती पिरान कलियर की रहने वाली है और एमए की छात्रा थी और एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने भी लगी थी। इस गलत काम में आने के बाद उसने पढ़ाई-लिखाई छोड़ इस धंधे को शुरू किया था। बताया जा रहा है कि हर ट्रांजेक्शन पर उसे 500 रुपए कमीशन मिलता था।
जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर क्षेत्र की पुलिस ने कुछ दिन पहले राहुल खान नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह पाकिस्तान के माध्यम से करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन करता था। पूछताछ के दौरान उसने ग्राम कलियर के गांव कोटा मुरादानगर निवासी सोनम का नाम बताया था ।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ले गई अपने साथइसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिरान कलियर कोतवाली से संपर्क किया और स्थानीय पुलिस के साथ गांव में दबिश दी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने सोनम को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की। जांच में सामने आया कि सोनम एमए की पढ़ाई कर रही थी, लेकिन बीच में पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद वह एक निजी स्कूल में पढ़ाने लगी थी। पुलिस को शक है कि वह पिछले करीब एक साल से कमीशन के आधार पर खातों में रुपये ट्रांसफर करने का काम कर रही थी।
कठुआ के उमर से हुई थी सोनम की पहचानसूत्रों के अनुसार, सोनम की पहचान एक गांव की युवती के माध्यम से उमर नामक व्यक्ति से हुई थी। उमर ने उसकी बातचीत आदिल और हजीब से व्हाट्सएप कॉल के जरिए कराई थी। इसके बाद उसे अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर करने का काम दिया गया। आरोप है कि वह एक खाते से रुपये निकालकर दूसरे खातों में जमा करती थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और पंजाब के विभिन्न खातों में रकम भेजी गई थी।
हर ट्रांजेक्शन पर फिक्स था 500 रुपए कमीशनपुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सोनम को हर 30 हजार रुपये के लेनदेन पर करीब 500 रुपये कमीशन मिलता था। बताया जा रहा है कि एक साल में उसे करीब 34 हजार रुपये कमीशन के रूप में मिले। अब तक लगभग 20 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रकम पाकिस्तान से किन माध्यमों से भेजी जा रही थी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि इस मामले की जांच जम्मू कश्मीर पुलिस कर रही है। स्थानीय पुलिस जम्मू कश्मीर का सहयोग करेगी। जम्मू कश्मीर पुलिस जिन बिंदुओं पर उनसे सहयोग मांगेगी उसी के आधार पर पूरा सहयोग किया जाएगा।
व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ नेटवर्कबताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी के चलते सोनम ने अपनी एक परिचित युवती से काम दिलाने की बात कही थी। इसके बाद उसकी पहचान उमर से कराई गई। व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से उसे खातों से जुड़े दस्तावेज भेजे गए और धीरे-धीरे वह संदिग्ध ट्रांजेक्शन नेटवर्क का हिस्सा बन गई। वहीं, पुलिस उसकी परिचित युवती के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पढ़ाई छोड़ संभाला ट्रांजेक्शन का कामसोनम एमए की पढ़ाई कर रही थी, लेकिन बीच में पढ़ाई छोड़कर निजी स्कूल में पढ़ाने लगी थी। पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान वह कमीशन के आधार पर बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करने के काम में शामिल हो गई और पिछले एक साले से इस काम को परिजनों की नजरों से बचकर कर रही थी।
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