Latest posts by Sapna Rani (see all)नैनीताल/हल्द्वानी. देश-दुनिया में अपने व्लॉग्स के जरिए पहचान बनाने वाले उत्तराखंड के मशहूर व्लॉगर सौरभ जोशी (Sourav Joshi) को दिल्ली पुलिस की स्पेशल यूनिट इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) ने हाईबॉक्स ऐप (Hibox App) मामले में नोटिस भेजा है. सौरभ के साथ-साथ कई और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स को भी नोटिस भेजा गया है. जानकारी के मुताबिक, IFSO ने इस ऐप के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. ऐप में निवेश करने पर ग्राहकों को गारंटीड रिटर्न देने का वादा किया गया था. निवेशकों को 1 से 5 फीसदी तक की दैनिक ब्याज दर के झूठे आश्वासन देकर हाई रिटर्न का वादा किया गया था. इस ऐप का प्रचार-प्रसार कई मशहूर सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर्स और यूट्यूबर्स ने किया था. उन्होंने लोगों को इस ऐप में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था. इस मामले में IFSO यूनिट ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो हाईबॉक्स ऐप के माध्यम से 30 हजार से ज्यादा लोगों को ठग चुका है और इस धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी है.इसी साल 16 अगस्त को IFSO यूनिट में कुल 29 लोगों ने हाईबॉक्स ऐप के खिलाफ शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ऐप में निवेश करने पर 1 से 5 परसेंट दैनिक और 30 से 90 प्रतिशत मासिक गारंटीड रिटर्न का वादा किया गया था लेकिन उन्हें कोई रिटर्न नहीं दिया गया. उनके साथ धोखाधड़ी की गई है. पीड़ितों ने आरोप लगाया गया कि कई सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर्स और यूट्यूबर्स जैसे- सौरभ जोशी, अभिषेक मल्हान, फुकरा इंसान, पूरव झा, एल्विश यादव, लक्ष्य चौधरी समेत अन्य ने सोशल मीडिया पर ऐप को प्रमोट किया था और निवेशकों को इस ऐप में निवेश के लिए प्रेरित किया था.विशेष टीम का गठनसूचना मिलने के बाद अपराध की गंभीरता और सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर्स की भूमिका को देखते हुए दिल्ली पुलिस IFSO यूनिट के एसीपी मनीष जोरवाल की निगरानी और इंस्पेक्टर हरबीर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने धोखाधड़ी में शामिल भुगतान गेटवे और बैंक खातों का विवरण इकट्ठा किया. जांच के दौरान पता चला कि Easebuzz और PhonePe के पेमेंट गेटवे का उपयोग करके धोखाधड़ी की राशि को अन्य खातों तक पहुंचाया गया. इन लेनदेन के विश्लेषण से चार खाते पहचाने गए, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी की राशि को निकालने के लिए किया गया था. तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के आधार पर आरोपी जे शिवराम को गिरफ्तार किया गया. बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि 18 करोड़ रुपये इन खातों में डाले गए थे. वहीं जांच से पता चला कि पीड़ितों की राशि (18 करोड़ रुपये) आरोपी जे शिवराम द्वारा संचालित सत्रुल्ला एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड के चार खातों में जमा की गई थी. आरोपी ने चेन्नई के न्यू वॉशरमेनपेट में स्थित ऑफिस स्पेस को सत्रुल्ला एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से लीज पर लिया था. इस संबंध में जांच की जा रही है. इसी मामले के तहत IFSO ने सभी सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर्स और यूट्यूबर्स को नोटिस भेजा है.देश के नंबर वन ब्लॉगर हैं सौरभ जोशीसौरभ जोशी का जन्म 8 सितंबर 1999 को उत्तराखंड के कौसानी में हुआ था. उनके पिता नौकरी की काम की तलाश में दिल्ली चले गए थे, जहां उन्होंने मजदूरी करना शुरू किया. वह पेंटर भी थे. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते उन्हें कई बार किराये का मकान बदलना पड़ा. सौरभ औसत छात्र थे. उन्होंने पिता के साथ पुताई के काम में भी हाथ बंटाया था. सौरभ की आर्ट अच्छी थी, लिहाजा उन्होंने अपने भाई की सलाह के बाद यूट्यूब पर ड्रॉइंग से जुड़े वीडियो डालने शुरू किए. शुरू में कोई खास रिस्पॉन्स नहीं मिला लेकिन लॉकडाउन के दौरान एक पेंटिंग ने उनकी जिंदगी बदल दी और लोकप्रियता तेजी से बढ़ी. सौरभ जोशी वर्तमान में हल्द्वानी में रहते हैं. आज उनके पास किसी चीज की कमी नहीं है. सौरभ जोशी के यूट्यूब पर 28.9 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं. वह हर रोज यूट्यूब पर व्लॉग्स अपलोड करते हैं. कुछ ही घंटों में वीडियो पर लाखों व्यूज आ जाते हैं. सोशल मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो सौरभ एक महीने में 80 लाख रुपये कमाते हैं.
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