हल्द्वानी:: उत्तराखंड के हल्द्वानी में वनभूलपुरा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के बाहर छात्रों के दो गुटों में विवाद के बाद झड़प हो गई। इसी दौरान छठवीं के छात्र ने दूसरे के सिर पर चाकू घोंप दिया। इस हमले में पीड़ित के दाएं हाथ की दो अंगुलियां भी कट गई। घटना में चाकू मारने वाले छात्र के हाथ में भी चोट आई है। दोनों को बेस अस्पताल ले जाया गया। घायल छात्र के सिर पर 12 और हाथ में चार टांके लगाए गए। पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, गौलापार निवासी छठी कक्षा के छात्र का स्कूल के ही अन्य छात्रों से एक दो दिन से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार को स्कूल बंद होने के बाद गेट के बाहर दोनों गुटों में हाथापाई हो गई। इसी दौरान वनभूलपुरा निवासी आठवीं का छात्र बचाव में उतरा तो गौलापार निवासी छठवीं के छात्र ने उसके सिर और हाथ पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में आठवीं के छात्र के सिर पर गहरा घाव हो गया जबकि दाए हाथ की दो अंगुलियां भी कट गईं। वहीं मारने वाले के हाथ में भी चाकू से घाव हो गया। दोनों को आनन-फानन में बेस अस्पताल लाया गया। वनभूलपुरा एसएचओ डीएस फत्र्याल ने बताया कि दोनों छात्रों से विवाद के बारे में जानकारी ली जाएगी।
स्कूल की सख्ती प्रभारी प्रधानाचार्य दीपक रावत ने बताया कि छुट्टी के बाद गेट के बाहर घटना हुई। दोनों छात्रों के अभिभावकों को मामले की जानकारी दी है, उन्हें स्कूल बुलाया है। छात्र के पास से धारदार हथियार बरामद हुआ है। छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी हो रही है।
वनभूलपुरा क्षेत्र में स्कूली छात्रों के दो गुटों के बीच हुए विवाद और उसके बाद हुई चाकूबाजी की घटना ने शहर के बुद्धिजीवियों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। इस प्रवृत्ति को समाज और युवा पीढ़ी के लिए एक खतरनाक संकेत बताया है।
बच्चों के व्यवहार में बदलाव चिंता की बात- विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिक डॉ. युवराज पंत ने कहा कि आज के दौर में बच्चों से संवाद में कमी सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने सुझाव दिया कि अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताना चाहिए। बच्चों की आक्रामकता के पीछे के मानसिक कारणों को समझना होगा, वरना ये छोटी उम्र की गलतियां बड़े अपराधों की नींव बन सकती हैं। उनके व्यवहार में आ रहे बदलावों पर खुलकर बात करनी होगी।
सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गौनिया ने कहा कि बच्चों में सहनशीलता का लगातार कम होना चिंता का विषय है। उन्होंने जोर दिया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बन रही है? यह अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर बारीक नजर रखें और उनकी काउंसलिंग करें। बार एसोसिएशन हल्द्वानी के अध्यक्ष किशोर पंत के अनुसार, स्कूल जैसी पवित्र जगह पर छात्रों के पास से चाकू जैसे घातक हथियार मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। यह न केवल वर्तमान सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि उन छात्रों के भविष्य को भी अंधकार में डाल सकता है।
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