
पिथौरागढ़। हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने वाले कई परिवारों द्वारा दोहरा लाभ लेने के मामले का अब जल्द खुलासा होने की उम्मीद है। उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दोहरा लाभ लेने वालों को भी पक्षकार बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। पिथौरागढ़ जिले में बाल्मीकि समुदाय के 15 परिवारों द्वारा कुछ वर्ष पूर्व मतांतरण कर ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था। इसे लेकर समुदाय में काफी बवाल भी हुआ था। सफाई कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता और सामाजिक कार्यकर्ता दर्शन लाल इस मामले को प्रमुखता से उठा रहे हैं।
नौकरी में आरक्षण सहित तमाम लाभउनका कहना है कि ईसाई धर्म अपनाने वाले लोग आज भी दोहरा लाभ ले रहे हैं। ईसाई धर्म अपनाने के बाद नियमानुसार उन्हें अनुसूचित जाति को मिलने वाले लाभ नहीं मिलने चाहिए, लेकिन ये परिवार आज भी नौकरी में आरक्षण सहित तमाम लाभ ले रहे हैं। इससे अनुसूचित जनजाति के लोगों को नुकसान हो रहा है। इन लोगों को दोहरा लाभ किस आधार पर दिया जा रहा है, इसकी जांच की मांग दर्शन लाल द्वारा उठाई जा रही है। उनका कहना है कि इन लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है तो इन्हें अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी हुआ है। यह गंभीर मामला है।
इस मांग को लेकर पिछले दिनों उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में तीन दिन आमरण अनशन किया था। प्रशासन ने उनके द्वारा उठाई जा रही मांगों पर कार्रवाई का भरोसा देकर उनका आंदोलन खत्म करवाया था, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दर्शन लाल ने इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने धर्मांतरण करने वाले लोगों को भी पक्षकार बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। मतांतरण हुआ है इसे लेकर कोई संदेह नहीं है। चर्च के पादरी की ओर से बताया गया है कि 15 वर्ष पूर्व 15 लोगों ने स्वेच्छा से ईसाई धर्म ग्रहण किया था। ये परिवार नियमित रूप से चर्च आते हैं और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। चर्च में नियमित दान भी इन लोगों द्वारा दिया जाता है। इस मामले में दर्शन लाल ने कहा है कि जिले में ऐसे कई ओर मामले भी हो सकते हैं, इसकी गंभीरता से जांच जरूरी है।
जिले में मतांतरण करने वालों का सत्यापन कराया जा रहा है। सभी उपजिलाधिकारियों को इसके निर्देश दे दिए गए हैं। उपजिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मतांतरण के बाद कोई व्यक्ति दोहरा लाभ न ले रहा हो। ऐसा मामला सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। – योगेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी, पिथौरागढ़
