Subscribe for notification

जोड़ों का दर्द अब सिर्फ बुजुर्गों की नहीं, युवाओं की भी परेशानी, आइये जानते हैं इससे राहत पाने के आसान उपाय

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जोड़ों और हड्डियों का दर्द तेजी से युवा आबादी को भी अपनी चपेट में ले रहा है। पहले जहां यह परेशानी केवल बुजुर्गों में आम थी, वहीं अब 25 से 40 वर्ष की उम्र के लोग भी घुटनों और पीठ दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं।
अनियमित जीवनशैली, घंटों एक जगह बैठे रहना, पोषण की कमी और प्रदूषण जैसी वजहें इसके प्रमुख कारण हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थराइटिस (गठिया) जोड़ों में सूजन और दर्द का एक प्रमुख रोग है, जो शरीर की गतिशीलता को प्रभावित करता है। समय रहते ध्यान न देने पर यह आजीवन परेशानी का रूप ले सकता है। खासतौर पर जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनके घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ जाती है।
हर साल 12 अक्टूबर को ‘विश्व गठिया दिवस (World Arthritis Day)’ मनाया जाता है, ताकि इस रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और लोग समय पर उपचार और जीवनशैली सुधार अपनाएं।
घुटनों के दर्द से राहत पाने के आसान उपाय
संतुलित और पोषक आहार अपनाएं
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए आहार में कैल्शियम, विटामिन-डी, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में शामिल करें।दही, दूध, बादाम, मछली, अलसी के बीज और हरी सब्जियां इन पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं।साथ ही, प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और अधिक चीनी का सेवन कम करें — ये शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करते हैं।
तेल से मालिश और सेकाई करें
सरसों, नारियल या नीलगिरी तेल से हल्की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और सूजन में राहत मिलती है।रोजाना 10-15 मिनट हल्के हाथों से मालिश करने से जोड़ों की जकड़न घटती है।गर्म पानी की सेकाई (हीट थेरेपी) मांसपेशियों को आराम देती है, जबकि ठंडे पैक से सूजन में कमी आती है। दर्द की स्थिति के अनुसार दोनों का संतुलित उपयोग करें।
नियमित व्यायाम और योग करें
घुटनों की सेहत के लिए हल्की एक्सरसाइज और योग बेहद जरूरी हैं।वॉकिंग, स्विमिंग, साइक्लिंग जैसे लो-इम्पैक्ट व्यायाम आर्थराइटिस से राहत दिलाते हैं।योगासन जैसे त्रिकोणासन, वज्रासन और भुजंगासन घुटनों की लचीलापन बढ़ाते हैं और मांसपेशियों को मजबूत करते हैं।
वजन को नियंत्रित रखें
अधिक वजन घुटनों पर दबाव डालता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ सकती है।संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से वजन नियंत्रण में रखें।अलसी के बीज और फाइबरयुक्त भोजन का सेवन वजन घटाने और जोड़ों की सूजन कम करने में सहायक होता है।
निष्कर्ष
जोड़ों का दर्द केवल उम्र बढ़ने का परिणाम नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवनशैली से गहराई से जुड़ा हुआ है। अगर आप समय रहते सही खानपान, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण पर ध्यान दें, तो आर्थराइटिस जैसी समस्याओं से बचाव संभव है।
स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं — ताकि जीवन हर उम्र में सक्रिय और दर्द-मुक्त बना रहे।
(साभार)

shivani Rawat

Share
Published by
shivani Rawat

Recent Posts

अब चारधाम यात्रा के दौरान नहीं होंगी हवाई दुर्घटनाएं, सुरक्षित यात्रा करेंगे श्रद्धालु, जानिए कैसे ? | | my uttarakhand news

अब चारधाम यात्रा के दौरान नहीं होंगी हवाई दुर्घटनाएं, सुरक्षित यात्रा करेंगे श्रद्धालु, जानिए कैसे…

6 minutes ago

मुख्यमंत्री धामी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया उन्हें नमन

छत्रपति शिवाजी महाराज ने पराधीनता के दौर में स्वाभिमान और स्वराज का शंखनाद कर राष्ट्र…

49 minutes ago