हल्द्वानी में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित रिंग रोड का कौन कर रहे विरोध और क्यों
जैसे ही पूर्व में उत्तराखंड हलचल के माध्यम से बताया गया था कि हल्द्वानी रिंग रोड का विरोध स्थानीय किसान कर रागे है।किसानों द्वारा 11 सितंबर 2024 से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू की गयी ।
प्रभावित किसानों द्वारा “किसान मकान बचाओ संघर्ष समिति” का गठन भी किया गया,जिसे धीरे धीरे कई संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है ।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि उनकी कई पीढ़ियां वर्षो से यहां रह रही है वह किसी भी हालत में अपनी जमीन का एक कौना भी देने को तैयार नहीं है,क्योंकि यह संपत्ति उनके पूर्वज उनको सौंप कर गए है सरकार जमीन का मूल्य तय कर सकती है किंतु उनके खेतो व घरों से जुड़ी भावनाओं का मूल्य नहीं दे सकती ।
किसानों का कहना है कि उनकी बस एक सूत्रीय मांग है कि किसानों के खेतों दुकानों व मकानों से रिंग रोड परियोजना को रद्द करो ।12सितंबर 2024 को समिति का एक प्रतिनिधिमंडल कार्तिक उपाध्याय,आनंद सिंह दरमवाल,लक्ष्मण सिंह बोरा हर्षित उपाध्याय ने लोक निर्माण विभाग के हल्द्वानी निर्माण खंड में अधिकारियों के एक ज्ञापन सौंपा ।
जिसमें समिति द्वारा सर्वे कर रहें विभाग से रिंग रोड परियोजना से जुड़े नक्शे आदेश आदि की मांग की हैं,उन्होंने यह भी कहा हैं की आखिर किसानों के जमीन विभाग क्यों मांग रहा किस मंशा से मांग रहा हैं यह भी बताएं,समिति ने लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से कहा हैं यदि एक सप्ताह के भीतर यदि समिति के प्रश्नों का जवाब लेकर विभाग के अधिकारी धरना स्थल नहीं पहुंचे तो किसान आंदोलन रैली के रूप में पीडब्ल्यूडी का घेराव करेंगे,इसके लिए प्रभावित किसानों सहित ग्रामीणों को एकत्र किया जायेगा।
Post Views: 10
Post navigation
गोपेश्वर – भगवान शिव के जयघोष और भक्तों की श्रद्धा के बीच चतुर्थ केदार भगवान…
श्रीदेव सुमन नगर मंडल के नवनियुक्त पदाधिकारियों से मिले मंत्री गणेश जोशी देहरादून। कैबिनेट मंत्री…
The scorching sun is troubling people in both the plains and mountainous regions of Uttarakhand.…
देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने रविवार देर रात्रि अनारवाला मालसी मोटर…
PIONEER EDGE NEWS SERVICE/ Dehradun Chief Minister Pushkar Singh Dhami has said that the State…
नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को नई पहचान देने की दिशा…