रुद्रप्रयाग/कर्णप्रयाग: उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में निहंगों की स्थानीय लोगों से मारपीट और तलवारबाजी की घटना के बाद अभी भी तनाव बना हुआ है। निहंगों ने आज आंदोलन की चेतावनी दी है। पुलिस ने ऐहतियातन दोनों जगहों पर धारा 163 लागू की है। इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। सुरक्षा के लिए आईटीबीपी और पुलिस के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। बता दें कि कर्णप्रयाग के बाद रुद्रप्रयाग में भी निहंगों ने हंगामा किया था। यहां गुरुद्वारा में सेवादार से मारपीट की और यात्री को बंधक बनाया था। निहंग कर्णप्रयाग में घटना को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन की तरफ से स्टैंड न लेने को लेकर आक्रोशित थे।
बता दें कि रुद्रप्रयाग चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र है। यहीं से यात्रा बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए निकलती है। वहीं, चमोली जिले का कर्णप्रयाग हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ यात्रा का प्रमुख केंद्र है। ताजा जानकारी के अनुसार, फिलहाल दोनों शहरों में स्थिति सामान्य है, लेकिन भय का माहौल बना हुआ है। पुलिस और आईटीबीपी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। आज निहंगों ने कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग की घटना को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए निहंग सिखों के एक समूह ने गुरुद्वारे में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है और मौके पर पुलिस के साथ आईटीबीपी के जवान तैनात कर दिए गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार के साथ मारपीट की और एक व्यक्ति को कुछ देर तक बंधक बनाकर रखा।
गुरुद्वारा की छत पर पत्थर लेकर चढ़े थे निहंगप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ निहंगों ने गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर पथराव की धमकी भी दी। बताया जा रहा है कि यह विरोध 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई किसी घटना को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन की चुप्पी से उपजा है।
ये भी पढ़ें:सिर फाड़ा, कई लहूलुहान; चमोली में सिख तलवार लेकर भीड़ पर क्यों टूट पड़ेकोतवाली प्रभारी सुरेश बलूनी के अनुसार, गुरुद्वारे के भीतर सात निहंगों सहित आठ लोग मौजूद हैं, जिन्हें बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। वहीं, इस मामले को लेकर सरकार सख्त हो गई है। गृह सचिव शैलेश बगोली ने स्पष्ट किया कि मामले को सांप्रदायिक रंग देने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आईजी गढ़वाल को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने जनता और श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की है।
कर्णप्रयाग की घटना को लेकर जांच के आदेशउधर, उत्तराखंड सरकार ने चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हाल में हेमकुंड यात्रा से लौट रहे निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के प्रकरण की जांच का आदेश दिया है। प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगोली ने यहां बताया कि गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक को मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बगोली ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) से भी पूरे प्रकरण की स्थिति रिपोर्ट तलब की गई है। उन्होंने कहा कि मामले को किसी भी प्रकार से धार्मिक विवाद का स्वरूप देना उचित नहीं है और प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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