Categories: hindiUttarakhand

धराली आपदा में भागीरथी नदी में बनी अस्थायी झील, एक्सपर्ट्स ने खोला इसका राज – Uttarakhand

इस खबर को शेयर करेंउत्तरकाशी: उत्तरकाशी के धराली गांव में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने न केवल भारी तबाही मचाई, बल्कि भागीरथी नदी में एक अस्थायी झील का निर्माण भी कर दिया। भूवैज्ञानिकों की एक विशेषज्ञ टीम ने इस अनोखी घटना का अध्ययन कर इसके पीछे के कारणों को उजागर किया है। इस आपदा ने नजदीकी हर्षिल कस्बे को भी प्रभावित किया, जहां सड़कें, हेलीपैड और कई इमारतें पानी में डूब गईं।
धराली और हर्षिल में तबाही
5 अगस्त को हुई भारी बारिश ने उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल को हिलाकर रख दिया। प्रशासन के मुताबिक, इस आपदा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 68 लोग लापता हैं। हर्षिल के पास सेना के कैंप पर भी इस आपदा का गहरा असर पड़ा, जहां एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर और आठ जवानों सहित नौ लोग लापता हो गए। कई इमारतें ढह गईं और क्षेत्र की भौगोलिक संरचना में बड़ा बदलाव आया।
अस्थायी झील का रहस्य
विशेषज्ञों की टीम ने 12 अगस्त को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पाया कि हर्षिल के पास तेलगद नामक एक स्थानीय नाला भारी बारिश के कारण उफान पर आ गया। इस नाले से भारी मात्रा में मलबा और पानी बहकर भागीरथी नदी के संगम स्थल पर जमा हो गया। इस मलबे ने एक विशाल पंखे के आकार का तलछट (एल्यूवियल फैन) बना दिया, जिसने भागीरथी नदी के मूल मार्ग को रोक दिया। नतीजतन, नदी के दाहिने किनारे पर करीब 1,500 मीटर लंबी और 12-15 फीट गहरी एक अस्थायी झील बन गई।
नदी की बदली भौगोलिक संरचना
इस आपदा ने भागीरथी नदी के किनारों को भी प्रभावित किया। दाहिने किनारे पर मौजूद रेत का टीला पानी के तेज बहाव में बह गया, जबकि बाएं किनारे पर नई तलछट जमा हो गई। इससे हर्षिल कस्बे का उत्तरी हिस्सा खतरे में आ गया। लगातार चट्टानों के कटाव के कारण सेना के कैंप और गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस को भी आंशिक नुकसान हुआ।
भूवैज्ञानिकों ने पाया कि जमा हुआ मलबा अत्यधिक नमी के कारण कमजोर था, जिसके चलते जेसीबी जैसे भारी उपकरणों का इस्तेमाल संभव नहीं था। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर, विशेषज्ञों ने मलबे को हटाने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने की योजना बनाई। इसके तहत 9-12 इंच गहरे छोटे-छोटे चैनल बनाए गए, ताकि झील का पानी धीरे-धीरे निकाला जा सके।
नियंत्रित जल निकासी की रणनीति
उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य और एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर जनरल अरुण मोहन जोशी के साथ चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि झील के पानी को तीन-चार चरणों में निकाला जाए, ताकि निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा टाला जा सके। एसडीआरएफ और सिंचाई विभाग ने तुरंत इस योजना पर काम शुरू किया। दो दिनों की सतत मेहनत के बाद, झील से पानी को नियंत्रित तरीके से निकालने में सफलता मिली।
The post धराली आपदा में भागीरथी नदी में बनी अस्थायी झील, एक्सपर्ट्स ने खोला इसका राज appeared first on .

Nandni sharma

Share
Published by
Nandni sharma

Recent Posts

किसान यूनियन टिकैत के धरने को लेकर रुद्रपुर में हाई अलर्ट, चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात – myuttarakhandnews.com

सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के साथ पीएसी के जवानों को भी लगाया गया है. फायर…

47 minutes ago

युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले नहीं, देने वाले भी बनें- रेखा आर्या

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से किया सीधा संवाद अल्मोड़ा।…

52 minutes ago

मसूरी में कुदरत का कहर: भूस्खलन से पल भर में जमींदोज हुआ मकान, लोगों ने भाग कर बचाई जान – myuttarakhandnews.com

  उत्तराखंड में भारी बारिश लोगों पर आफत बनकर टूट रही है. वहीं मसूरी में…

53 minutes ago

उत्तराखंड SIR पर बड़ा अपडेट, 1.07 लाख से अधिक मतदाताओं पर आपत्तियों के निस्तारण की निगरानी के लिए 9 अधिकारी तैनात – myuttarakhandnews.com

देहरादून: उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर सियासी घमासान के बीच…

1 hour ago

मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल- 2026 में सीएम धामी ने किया लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान

देहरादून के 13 गांव में खोला जाएगा स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विपणण के लिए…

1 hour ago

8 से 16 अगस्त तक जनपद नैनीताल में “विशेष स्वच्छता अभियान”

ग्रामीण, नगरीय एवं वन क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को सफल बनाए जाने हेतु विभिन्न टीमों…

2 hours ago