देहरादून में 13 फरवरी को हुए सनसनीखेज सिल्वर सिटी मॉल हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, शूटआउट में शामिल हमलावरों की शिनाख्त कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स तथा दून पुलिस की संयुक्त टीमें अलग-अलग राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं। शुरुआती जांच में आपसी रंजिश और संपत्ति विवाद को मुख्य वजह माना जा रहा है। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया है कि मृतक विक्रम शर्मा के शिष्य अखिलेश सिंह ने कथित तौर पर सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलवाया।
13 फरवरी की सुबह दहला था देहरादून
घटना 13 फरवरी की सुबह करीब 10:15 बजे की है, जब देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में विक्रम शर्मा को गोलियों से भून दिया गया। जानकारी के अनुसार, दो हमलावर बाइक से पहुंचे और मॉल के अंदर पैदल दाखिल हुए। जिम से बाहर निकलते समय सीढ़ियों पर उन्होंने विक्रम शर्मा पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोली लगने के बाद उन्हें संभलने का अवसर तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर पैदल बाहर निकले और कुछ दूरी पर बाइक लेकर खड़े तीसरे साथी के साथ फरार हो गए।
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठे और पुलिस की कार्यशैली पर भी विपक्ष ने निशाना साधा। इसी क्रम में तत्कालीन एसएसपी अजय सिंह का तबादला कर दिया गया और प्रमेंद्र डोबाल को देहरादून का नया एसएसपी नियुक्त किया गया।
दूसरे राज्यों से जुड़ रही कड़ियां
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और गिरफ्तारी के प्रयास अंतिम चरण में हैं। मामले में झारखंड कनेक्शन सामने आने के बाद देहरादून पुलिस ने जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडे से संपर्क साधकर सहयोग मांगा है। साथ ही पुलिस मृतक के करीबी लोगों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है।
शिष्य पर हत्या की साजिश का शक
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वारदात में शामिल तीनों आरोपी पहले हरिद्वार पहुंचे थे और वहां से देहरादून आए। पुलिस का कहना है कि विक्रम शर्मा के शिष्य अखिलेश सिंह के खिलाफ झारखंड में हत्या समेत अन्य गंभीर मामलों में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि झारखंड में दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर तनाव था।
झारखंड का गैंग नेटवर्क और उत्तराखंड में संपत्ति
पुलिस के अनुसार, विक्रम शर्मा झारखंड में सक्रिय रहा है और उत्तराखंड में भी उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की थी। काशीपुर में उसका स्टोन क्रशर संचालित होता था, जबकि देहरादून में भी उसकी बड़ी संपत्ति बताई जा रही है। जांच एजेंसियों को यह संकेत भी मिले हैं कि हमलावरों को झारखंड से आर्थिक मदद भेजी गई थी।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल का कहना है कि एसटीएफ और दून पुलिस मिलकर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। घटना में शामिल तीनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है और अलग-अलग टीमें राज्यों में रवाना की गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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