प्राकृतिक स्रोतों पर लगी लंबी कतारें, लोग डिब्बे-कैन लेकर भर रहे पानी
देहरादून। देहरादून में आपदा से मची तबाही का असर अब तक खत्म नहीं हो पाया है। सड़कों, पुलों और घरों के साथ-साथ पेयजल लाइनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थिति यह है कि दून के करीब 35 हजार लोग पिछले कुछ दिनों से पानी की गंभीर किल्लत झेल रहे हैं।
शिखर फॉल से जुड़ी मुख्य पेयजल लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसकी वजह से राजपुर, जाखन, मालसी, कुठालगेट, सपेरा बस्ती, सुमन नगर और कैरवान गांव जैसे क्षेत्रों में सप्लाई पूरी तरह ठप है। मजबूरन लोग ओल्ड मसूरी रोड किनारे बह रहे प्राकृतिक स्रोतों से पानी भरने को मजबूर हैं। सुबह से ही लोग लाइन लगाकर बर्तन, डिब्बे और केन में पानी भरते नजर आते हैं। कई युवक यहीं नहाते हैं तो महिलाएं कपड़े धोकर काम चला रही हैं।
सचिव पेयजल शैलेश बगौली ने 17 सितंबर को निर्देश दिए थे कि 19 सितंबर तक आपूर्ति बहाल कर दी जाए, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है। जल संस्थान की टीमें लगातार मरम्मत में जुटी हैं और प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भेजे जा रहे हैं, हालांकि जहां सड़कें टूटी हुई हैं वहां टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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