त्रिपुरा-सेल्सफोर्स एमओयू: युवाओं को मिलेगा वैश्विक स्तर का डिजिटल कौशल –

 
 
 
 
देहरादून— त्रिपुरा सरकार के डायरेक्टोरेट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (डीआईटी) ने डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 के मंच पर सेल्सफोर्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत सेल्सफोर्स डिजिटल कौशल विकास, क्षमता निर्माण और कार्यबल की तैयारी को मजबूत करने के लिए डीआईटी के साथ मिलकर काम करेगा। यह समझौता इस बात को रेखांकित करता है कि राज्य प्रौद्योगिकी आधारित विकास को अंततः लोगों, कौशल और संस्थागत क्षमता से जोड़कर देखता है।
 
 
डिजिटल व्यवस्था, खासकर शासन-प्रशासन के क्षेत्र में, बुनियादी ढांचे जितना ही महत्वपूर्ण होता है उसका उपयोग करने वालों का कौशल। जब सरकारी अधिकारी, छात्र और उद्यमी डिजिटल प्लेटफॉर्म को समझने और उस पर आगे बढ़ने के लिए जरूरी कौशल से लैस होते हैं, तभी नतीजों में सार्थक बदलाव दिखाई देता है। सेल्सफोर्स के साथ साझेदारी कर त्रिपुरा दुनिया के अग्रणी डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम प्रदाताओं में से एक के साथ मिलकर इन कौशलों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
 
 
सेल्सफोर्स के साथ यह साझेदारी त्रिपुरा द्वारा आईटी क्षेत्र के लिए पहले से तैयार की गई जमीन पर खड़ी है। इसमें निवेश-अनुकूल नीतियां, प्रतिस्पर्धी बिजली दरें और लचीली भूमि लीज व्यवस्था के साथ-साथ राज्य का उन्नति डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म और जिम्मेदार तकनीकी अपनाने को समर्थन देने वाली साइबर सुरक्षा नीति शामिल है। इसके अलावा त्रिपुरा आईटी/आईटीईएस नीति 2022 और त्रिपुरा डेटा सेंटर नीति 2021 जैसी नीतियों के तहत पूंजी निवेश सब्सिडी, बिजली दर सहायता और बैंडविड्थ प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
 
 
अगरतला में प्रस्तावित 5.81 एकड़ में फैला त्रिपुरा आईटी एंड डेटा इकोसिस्टम जोन, और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ प्रस्तावित 10 एकड़ का आईटी पार्क, भविष्य के निवेश के लिए भौतिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएंगे। राज्य ने केंद्र सरकार की डीरेगुलेशन पहल के तहत सभी 51 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पूरा करने वाला देश का पहला राज्य बनने का दर्जा भी हासिल किया है, साथ ही इसे बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान 2024 के तहत टॉप अचीवर के रूप में मान्यता दी गई है।
 
 
नीतिगत उपलब्धियों के अलावा हाल के वर्षों में त्रिपुरा ने शासन में तकनीक अपनाने के मामले में भी राष्ट्रीय स्तर पर एक मानदंड स्थापित किया है। वर्ष 2024 में त्रिपुरा ने देश में सबसे तेज और सबसे व्यापक ई-ऑफिस कार्यान्वयन हासिल किया — मई 2023 में राज्य सचिवालय से शुरुआत करते हुए 2024 के मध्य तक यह व्यवस्था पंचायती राज के तीनों स्तरों तक पहुंच गई। अपने प्रशासनिक ढांचे का डिजिटलीकरण पूरा करने के बाद अब राज्य परिवर्तन के अगले चरण की तैयारी कर रहा है।
 
 
एक ऐसा डिजिटल रूप से सक्षम कार्यबल, जहां सरकारी अधिकारी आधुनिक प्लेटफॉर्म संभाल सकें, छात्रों को उद्योग जगत से जुड़े कौशल मिल सकें और उद्यमी डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदार बन सकें — यही त्रिपुरा के सतत विकास की मजबूत नींव बन सकता है। साझेदारी के कौशल-केंद्रित पहलू का महत्व यहीं से समझ में आता है।
 
 
सेल्सफोर्स अपने ट्रेलहेड प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और नए उद्यमियों सहित कई लाभार्थियों के लिए सेल्फ-पेस्ड लर्निंग मॉड्यूल, तैयार लर्निंग पाथवे और ऑनबोर्डिंग संसाधन उपलब्ध कराएगा। सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय प्रतिभागियों को जोड़ने, डिवाइस और कनेक्टिविटी तक पहुंच सुनिश्चित करने और विभागों, संस्थानों तथा कौशल विकास एजेंसियों में इसे अपनाने को बढ़ावा देने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।
 
 
यह साझेदारी एक खास चुनौती का समाधान भी करती है। त्रिपुरा हर साल हजारों तकनीकी रूप से योग्य स्नातक तैयार करता है, जिनमें से कई अब तक राज्य से बाहर अवसर तलाशते रहे हैं। वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त डिजिटल कौशल और लर्निंग पाथवे तक पहुंच देकर यह साझेदारी उस स्थानीय प्रतिभा-आधार को मजबूत करेगी, जिस पर उभरते डिजिटल उद्यम और सेवा इकोसिस्टम निर्भर हो सकेंगे। हालांकि एमओयू का मुख्य फोकस पहुंच और समन्वय बढ़ाना है, लेकिन यह आगे चलकर उन्नत कौशल और प्रशिक्षण की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए गहरे जुड़ाव की एक रूपरेखा भी तैयार करता है।
 
 
सेल्सफोर्स के साथ यह साझेदारी ऐसे कॉन्क्लेव में हुई है जिसमें कुल 43 समझौता ज्ञापनों और 11 रुचि पत्रों (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) पर हस्ताक्षर हुए, जिनकी संयुक्त कीमत आईटी और संबद्ध क्षेत्रों में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई आधारित प्रणालियों में निवेश के साथ-साथ कौशल विकास पर दिया गया जोर त्रिपुरा की विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ता है। यह दर्शाता है कि राज्य की डिजिटल महत्वाकांक्षाएं केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उसे बनाए रखने के लिए जरूरी मानव संसाधन तैयार करने तक भी फैली हुई हैं।
 
 
यह सहयोग इस समझ को दर्शाता है कि डिजिटल शासन और आर्थिक विकास का भविष्य केवल तैनात की जाने वाली तकनीकों से नहीं, बल्कि उन्हें इस्तेमाल करने में सक्षम लोगों से भी तय होगा। यह कदम त्रिपुरा के शिक्षित युवाओं के लिए उन अवसरों की ओर एक बड़ा कदम है, जिनके वे न सिर्फ हकदार हैं, बल्कि जिनकी उन्हें सख्त जरूरत भी है।
 
 
 
 
 

pooja Singh

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