उत्तराखंड हाई कोर्ट ने दीपक कुमार की पुलिस सुरक्षा याचिका खारिज की, कोर्ट ने लगाई सख्त फटकार – myuttarakhandnews.com

नैनीताल :  उत्तराखंड हाई कोर्ट ने गुरुवार को ‘मोहम्मद’ दीपक कुमार की पुलिस सुरक्षा की मांग पर सख्त रुख अपनाया। दीपक कुमार ने अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को लेकर पुलिस से विशेष सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि एक आरोपी अपने खिलाफ चल रहे मामले में पुलिस सुरक्षा की मांग कैसे कर सकता है।
कोर्ट की सख्ती और विवाद
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने दीपक को मौखिक रूप से फटकारते हुए कहा कि ऐसे मामले में किसी आरोपी को विशेष सुरक्षा देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी को पहले अपने मामलों का समाधान करना चाहिए, न कि पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश करनी चाहिए। अदालत ने यह निर्देश भी दिए कि याचिकाकर्ता को अनावश्यक रूप से सोशल मीडिया या इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर शामिल नहीं होना चाहिए, ताकि जांच प्रभावित न हो।
दीपक कुमार पर क्या आरोप हैं?
दीपक कुमार पर पहले से ही गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। जनवरी में एक विवाद के दौरान उनके और सहयोगियों पर दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। दीपक ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया और परिवार की सुरक्षा की मांग की थी।
वायरल वीडियो में दीपक कुमार ने विवाद के दौरान अपनी पहचान ‘मोहम्मद दीपक’ के रूप में दी थी, जिससे जनता में चर्चा हुई और उन्हें कुछ समर्थन भी मिला। वीडियो के वायरल होने के बाद दीपक को छोटे-छोटे चंदे भी मिलने लगे।
पुलिस प्रशासन की भूमिका पर कोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि यदि कोई आरोपी अपने आप को खतरे में महसूस करता है, तो पहले अपने मामले का समाधान करे। पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाले आरोपी के प्रति इस तरह का ऐतराज भविष्य में भी महत्वपूर्ण हो सकता है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन को ऐसे मामलों में सही कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
याचिका खारिज, अगली सुनवाई का इंतजार
कोर्ट ने दीपक की याचिका खारिज कर दी है, लेकिन मामले की अगली सुनवाई अभी बाकी है। अब देखना होगा कि दीपक आगे कोई और कानूनी उपाय अपनाते हैं या इस मसले पर उनका रुख क्या रहता है।
कानूनी विशेषज्ञों की राय
इस फैसले को कानूनी विशेषज्ञ महत्वपूर्ण मान रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस सुरक्षा के लिए याचिका दाखिल करना आरोपी के लिए एक संवेदनशील और विवादास्पद कदम है। अदालत के इस कड़े रुख को देशभर में चर्चा का विषय माना जा रहा है।

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pooja Singh

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