Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आज का दिन बेहद सतर्कता बरतने वाला है. मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के संवेदनशील पहाड़ी जिलों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है. राज्य में मानसूनी हवाएं अब भी पूरी तरह सक्रिय हैं, जिसके चलते कई इलाकों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश होने की आशंका जताई गई है.
जानिए कब मिलेगी बारिश से राहत?मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 16 सितंबर के बाद राज्य में बारिश का जोर धीरे-धीरे कम होगा. 17 सितंबर को पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर और मैदानों में बेहद हल्की बारिश होगी. 18 और 19 सितंबर को पूरे राज्य में केवल छिटपुट बौछारें ही पड़ेंगी. 20 और 21 सितंबर को मानसून की तीव्रता काफी कमजोर पड़ जाएगी और मौसम पूरी तरह साफ होने की दिशा में बढ़ेगा.
चमोली में भूस्खलन, गोपेश्वर-चोपता मार्ग ठपपहाड़ी जिलों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. भारी बारिश के चलते गोपेश्वर-मंडल-चोपता मोटर मार्ग पर बैरागना के पास अचानक पहाड़ी से भारी मलबा, पत्थर और कीचड़ आ गिरा. इसके चलते सड़क पूरी तरह बाधित हो गई है और मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी मशीनें और बचाव दल मलबे को साफ करने में जुटे हैं, लेकिन बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण राहत और बचाव कार्यों में भारी रुकावट आ रही है.
केदारनाथ और बद्रीनाथ रूट पर खतराउच्च हिमालयी और सीमांत जिले चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल में ढलानों से अचानक बोल्डर गिरने और भूस्खलन (Landslide) का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है. केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री रूट के संवेदनशील पैच पर आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. पर्वतीय इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, जिससे हल्की ठंडक की शुरुआत हो गई है. दून घाटी, मसूरी और ऋषिकेश में दोपहर बाद तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे मैदानी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है.
कुमाऊं मंडल और मैदानी इलाकों का हालकुमाऊं के पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में भी मौसम विभाग ने बादलों के तेज दौर का अनुमान जताया है. पिथौरागढ़ और बागेश्वर के ऊंचाई वाले इलाकों में बिजली चमकने का अलर्ट है. दूसरी ओर, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में मौसम तुलनात्मक रूप से सामान्य रहेगा, हालांकि यहां भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या छिटपुट बौछारें देखने को मिल सकती हैं.
चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, टिहरी और पौड़ी जैसे संवेदनशील पहाड़ी जिलों में यात्रा करने वालों को विशेष तौर पर संभलकर चलने की सलाह दी गई है, क्योंकि ढलानों पर लैंडस्लाइड और सड़कों पर अचानक बोल्डर गिरने का खतरा इस समय सबसे अधिक बना रहता है.
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