देहरादून,भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल वर्षों की मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की नई शुरुआत है।
उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से आह्वान किया कि वे अपने पेशे को सेवा भाव, सहानुभूति और सत्यनिष्ठा के साथ निभाएं तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य किया, जिसमें व्यापक टीकाकरण अभियान और वैश्विक स्तर पर ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल के माध्यम से मानवता की सेवा की गई।
उन्होंने स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देशभर में नए एम्स संस्थानों की स्थापना से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है। एम्स ऋषिकेश की सराहना करते हुए उन्होंने इसे चिकित्सा, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र बताया। उन्होंने टेलीमेडिसिन, हेली एम्बुलेंस और ड्रोन आधारित दवा वितरण जैसी पहलों को सराहनीय बताया।
उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हो रहे बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की भी प्रशंसा की।
इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का क्षेत्र है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों को अवसर में बदलने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश प्रदेश के लिए जीवन रक्षक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज, टेलीमेडिसिन नेटवर्क, जन औषधि केंद्रों और निःशुल्क जांच सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा पेशा केवल करियर नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम है। उन्होंने नैतिकता, ईमानदारी और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता को सर्वोपरि रखने पर बल दिया।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट, एम्स ऋषिकेश के अध्यक्ष प्रो. राज बहादुर, कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन (अकादमिक) प्रो. सौरभ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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