उत्तराखंड कोटद्वार।18 फरवरी 2024 को मूल निवास 1950 और सशक्त भू-कानून लागू किए जाने की मांग को लेकर कोटद्वार में हजारों लोगों ने मूल निवास स्वाभिमान महारैली निकाली ,इस महारैली में कोटद्वार समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग शामिल हुए।
‘मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति’ के आह्वान पर हुई इस महारैली को अन्य जगह की तरह कोटद्वार में भी जबर्दस्त समर्थन मिला। देवी मंदिर से मालवीय पार्क तकनिकली इस रैली में उत्तराखण्ड क्रांति दल, राष्ट्रीय रीजनल पार्टी, पहाड़ी स्वाभिमान, सेना, समानता मंच, वन यूके,उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच, छात्र संगठन, नागरिक मंच कोटद्वार, बेरोजगार संघ, बार एसोसिएशन कोटद्वार, सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन, पूर्व सैनिक संगठन, गौरव सेनानी सहित अन्य संगठन प्रमुख थे।
‘मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति’ के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कोटद्वार त्याग, तपस्या और बलिदान की भूमि है। देहरादून, हल्द्वानी, टिहरी में मूल निवास स्वाभिमान महारैली की सफलता के बाद कोटद्वार में महारैली हो रही है। गढ़वाल के प्रवेश द्वार में हुई इस महारैली का संदेश पहाड़ के गांव-गांव तक जाएगा और लोग अपने अधिकारों के लिए जागरूक होंगे।
पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष महेंद्र पाल रावत, पूर्व पार्षद परवेंद्र रावत, रमेश भंडारी, क्रांति कुकरेती, यूकेडी के संरक्षक शक्तिशैल कप्रवाण, राज्य आंदोलनकारी महेंद्र रावत, शिवानंद लखेड़ा, गोविंद डंडरियाल, गजेंद्र तिवारी, महेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि आज 40 से 45 लाख लोग बाहर से हमारे राज्य में आ गए हैं और हमारे संसाधनों को लूटने का काम कर रहे हैं। इस कारण हमारी धार्मिक और संस्कृति खतरे में है।भविष्य में सिद्धबली धाम मंदिर, कण्वाश्रम, दुर्गा देवी मंदिर का भी अस्तित्व में खतरे में आ जायेगा।
बेरोजगार संघ के उपाध्यक्ष राम कंडवाल, पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत, स्वराज हिन्द से सुशील भट्ट, वंदे मातरम ग्रुप हल्द्वानी के संस्थापक शैलेंद्र दानू, कॉंग्रेस जिला अध्यक्ष विनोद डबराल,
यूकेडी के केंद्रीय महामंत्री कर्नल (रि) सुनील कोटनाला, दीप्ति दुदपुड़ी, योगेश बिष्ट, कैप्टन चंद्रमोहन सिंह गड़िया, सूबेदार मेजर महिपाल सिंह, दीपक भाकुनी, पौड़ी बचाओ समिति के संयोजक नमन चंदोला, कुसुम बौड़ाई ने कहा कि मूल निवास की कट ऑफ डेट 1950 लागू करने के साथ ही प्रदेश में मजबूत भू-कानून लागू किया जाना बेहद जरूरी है। कहा कि मूल निवास का मुद्दा उत्तराखंड की पहचान के साथ ही यहां के लोगों के भविष्य से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि मूल निवास की लड़ाई जीते बिना उत्तराखंड का भविष्य असुरक्षित है।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के संस्थापक शिवप्रसाद सेमवाल, कांग्रेस से बलबीर सिंह रावत, प्रवेश रावत, रंजना रावत, यूकेडी प्रवक्ता मीनाक्षी घिल्डियाल, हिंदू समाज पार्टी से दीपक रावत जयदेव भूमि फाउंडेशन से शिवानंद लाखेड़ा, महिला पतंजलि से शोभा रावत, अनिल डोभाल, पंकज उनियाल, अल्मोड़ा से राकेश बिष्ट, चौकुटिया से भुवन कठैत, छात्र अंकुश घिल्डियाल, पुष्पा चौहान, किरण बौड़ाई, बार एसोसिएशन से अजय पंत ने कहा कि उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित रहें, इसके लिए मूल निवास 1950 और मजबूत भू-कानून लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह प्रदेश के मूल निवासियों के हक हकूकों को खत्म किया जा रहा है, उससे एक दिन प्रदेश के मूल निवासियों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार जनभावना के अनुरूप मूल निवास और मजबूत भू-कानून लागू नहीं करेगी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
कहा कि इस आंदोलन को प्रदेशभर से लोगों का मजबूत समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार की जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के लोग अपने अधिकारों, सांस्कृतिक पहचान और अस्तित्व को बचाने के लिए निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम का संचालन मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के कोर मेंबर प्रांजल नौडियाल ने किया।
Post Views: 5
Post navigation
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21 Oct: Chief Secretary Anand Bardhan on Wednesday emphasised the…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21 Oct: Art India Academy of Performing Arts, Dehradun observed…
नई दिल्ली; हिमालय ऊपर से शांत दिखता है. पहाड़ हरे-भरे हैं. नदियां बह रही हैं.…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21 Oct: As in previous years, REACH (Rural Entrepreneurship for…
The TonsBridge School celebrates 14th Founders’ Day with “Dharohar – The Legacy of Ancient India”…
CM pays tribute to Martyrs on Police Commemoration Day my uttarakhand news Bureau Dehradun, 21…